अल्मोड़ा। भारतीय वायुसेना के जवान जिले के महतगांव निवासी पंकज मेहता शनिवार को साइकिल से 2060 किमी का सफर तय कर अल्मोड़ा पहुंचे। असोम से उत्तराखंड का सफर तय कर यहां पहुंचने पर उनका स्वागत किया गया।
‘फिट इंडिया हिटो पहाड़’ थीम पर जिले के महतगांव निवासी वायुसेना में तकनीशियन के पद पर तैनात पंकज मेहता असोम से उत्तराखंड तक साइकिल से यात्रा का निर्णय लिया। 13 सितंबर को उन्होंने तेजपुर से यात्रा शुरू की। ट्रैकिंग और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उन्होंने असोम से अपने गांव तक साइकिल यात्रा की। शनिवार को 2060 किमी यात्रा पूरी कर वह अल्मोड़ा पहुंचे। यहां विवेकानंद कॉर्नर में खेल संघों, खिलाड़ियों के अलावा डीएसपी वीर सिंह आदि ने उनका स्वागत किया। वक्ताओं ने कहा कि उनके इस फैसले से पर्यटन और यहां की संस्कृति को भी एक अलग पहचान मिलेगी। उनकी इस यात्रा ने लोगों को प्रदेश के पर्यटन और संस्कृति से रूबरू करवाया।
पंकज ने बताया कि उनकी यात्रा का उद्देश्य प्रदेश के पर्यटन स्थलों, साहसिक पर्यटन और संस्कृति को बाहरी राज्यों के लोगों तक पहुंचाना था। इससे वह सभी को पहाड़ों की ओर लौटने का भी संदेश दे रहे हैं। यहां सीओ वीर सिंह, जिला क्रीड़ा अधिकारी सीएल वर्मा, बीएम मनकोटी, भरत साह, जयमित्र बिष्ट, दीपक शाही, दीपक वर्मा, किशन लाल, गोकुल शाही, किशन खोलिया, जगमोहन फर्त्याल, सुरेश कनार्टक, गोकुल मेहता, अमरनाथ सिंह रजवार, नंदन रावत, मयंक कपूर, राजेंद्र, डॉ. अखिलेश कुमार, वंदना सिंह आदि ने स्वागत किया।
पंकज का महतगांव पहुंचने पर ढोल नगाड़ों से हुआ स्वागत
अल्मोड़ा। वायु सेना के जवान पंकज मेहता के साइकिल से महतगांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों से स्वागत किया। वह दो हजार किमी से अधिक की दूरी साइकिल से तय कर अपने गांव पहुंचे। गांव पहुंचे पंकज ने कहा कि पहाड़ों की संस्कृति से उन्हें यह प्रेरणा मिली है। अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने विभिन्न राज्यों के लोगों को उत्तराखंड के पहाड़ों की संस्कृति के बारे में बताया। उन्होंने लोगों से यहां की यात्रा कर तमाम तीर्थ और पर्यटन स्थलों पर आने के लिए भी आमंत्रित किया। इस मौके पर गोपाल सिंह मेहता, बलवंत सिंह मेहता, गोकुल सिंह मेहता, वीरेंद्र सिंह मेहता, अजय सिंह मेहता, बालम मेहता, दिग्विजय मेहता, सुरेंद्र सिंह मेहता, अमित मेहता, मनीष मेहता, मनोज मेहता, महिपाल मेहता, कैलाश मेहता, आशु मेहता, कमला मेहता, पूरन मेहता आदि रहे। संवाद