विधानसभा अध्यक्ष की कड़ी नाराजगी आरा सल्पड़ के किसानों में नई उम्मीद जगा गई। 22 हेक्टेयर से अधिक भूमि की सिंचाई करने वाली आरा नहर में नौ साल की प्रतीक्षा के बाद फिर से पानी चल गया है।
घोषणा के मुताबिक विधानसभा अध्यक्ष ने आरा पहुंच कर नहर का निरीक्षण किया और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को नहर में पर्यापत पानी चलाने के निर्देश दिए। कुंजवाल ने क्षेत्र की इस उपजाऊ जमीन की चहारदीवारी बनाने को डीएम सविन बंसल से कार्रवाई करने को कहा।
दन्यां-आरा सल्पड़ मार्ग निर्माण के दौरान हुए भूस्खलन से 11 सौ नाली से अधिक भूमि की सिंचाई करने वाली आरा नहर कई जगह ध्वस्त हो गई। 2006 से सिंचाई नहर पूरी तरह ठप हो जाने से यह भूमि बंजर हो गई थी।
अमर उजाला ने भी नहर बंद होने की खबर कई बार प्रमुखता से प्रकाशित की विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल ने नहर के सुधारीकरण को जिला योजना से 55 लाख रुपये मंजूर करवाए। आठ जनवरी तक नहर में पानी चलाने के निर्देश सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दिए थे।
शुक्रवार को कुंजवाल डीएम, सिंचाई विभाग के अधिकारियों को लेकर मौके पर पहुंचे। एसई पीसी मेलकानी ने बताया कि अभी एक ही श्रोत से पानी चल रहा है। दूसरी लाइन पर काम प्रगति में है।
विधानसभा अध्यक्ष ने दूसरी लाइन को दुरुस्त कर एक महीने के भीतर पानी चलाने, जंगली सुअरों द्वारा फसल को पहुंचाए जाने वाले नुकसान को रोकने के लिए डीएम से 22 हेक्टेयर भूमि में चहारदीवारी बनवाने को कहा।