मई, जून और जुलाई के वेतन और 19 जनवरी 2017 से संशोधित न्यूनतम मजदूरी के एरियर के भुगतान की मांग को लेकर बीएसएनएल कैजुअल एंड कांट्रेक्ट वर्कर्स यूनियन ने महाप्रबंधक कार्यालय प्रांगण में दूसरे दिन भी धरना दिया। इस मौके पर प्रदर्शनकारियों ने बीसएनएल और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में एसडीएम विवेक राय से वार्ता के बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना सप्ताह भर के लिए स्थगित कर दिया, लेकिन मांग पूरी होने तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे संविदा श्रमिक दूसरे दिन भी बीएसएनएल जीएम कार्यालय प्रांगण में धरने पर बैठे। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि संविदा श्रमिक तीन महीने के वेतन से वंचित चल रहे हैं। 19 जनवरी 2017 से संशोधित न्यूनतम मजदूरी का एरियर भी नहीं मिला है। आरोप लगाया कि बीएसएनएल प्रशासन समझौते का पालन नहीं कर रहा है। जिससे उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
दोपहर बाद श्रमिकों की गांधी पार्क में एसडीएम से वार्ता हुई। एसडीएम ने एक सप्ताह के भीतर बीएसएनएल प्रशासन से वार्ता कर श्रमिकों के लंबित देयकों का भुगतान दिलाए जाने का आश्वासन दिया। जिसके बाद श्रमिक संगठन ने 19 अगस्त तक धरना प्रदर्शन स्थगित कर दिया है, पर कार्य बहिष्कार जारी रखने का ऐलान किया है। चेतावनी दी कि आश्वासन के मुताबिक मांग पूरी नहीं हुई तो 21 अगस्त से दोबारा धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया जाएगा। वहां पर श्रमिक संगठन के अध्यक्ष ललित मोहन जोशी, सचिव उमेश चंद्र तिवारी, जगदीश जलाल, बसंत गोस्वामी, जीवन बिष्ट, शंकर बिष्ट, प्रकाश उपाध्याय, कैलाश चौधरी, आनंद सिंह, राजेंद्र सिंह, बलवंत सिंह आदि थे।