नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने सरकार से भाजपा शासनकाल में गठित चारों जिलों के शासनादेश को पुनर्जीवित करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि आयुक्त गढ़वाल मंडल की संस्तुति से साफ जाहिर है कि भाजपा ने चारों जिलों का शासनादेश जनहित में जारी किया था, कांग्रेस ने अकारण इस मामले को उलझा दिया। यहां जारी बयान में भट्ट ने कहा है कि भाजपा सरकार ने 15 अगस्त 2011 को रानीखेत, कोटद्वार, डीडीहाट, पुरोला जिले की घोषणा की।
आठ दिसंबर 2011 को शासनादेश भी जारी कर दिया था, लेकिन इसके बाद चुनाव हुए, कांग्रेस सरकार ने अकारण जिलों के मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। बाद में गढ़वाल मंडल आयुक्त की अध्यक्षता में नए जिलों के गठन के लिए समिति बनाई गई। जिसमें समिति ने चारों जिलों के गठन की संस्तुति प्रदान कर दी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार को एक पल गंवाए बगैर पूर्व घोषित जिलों के शासनादेश को पुनर्जीवित करना चाहिए और लंबे समय से जिलों की मांग कर रहे लोगों को राहत देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि रानीखेत जिले के लिए उन्होंने सरकार को 408 पत्र भेजे हैं, लेकिन एक पत्र का भी सकारात्मक जवाब नहीं आया। उन्होंने दो अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती पर शासनादेशों को पुनर्जीवित करने की मांग की है।