स्याल्दे (अल्मोड़ा)। नवरात्र के अवसर पर देघाट के भगवती मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन जारी है। कथा के तीसरे दिन व्यास पं. सुभाष चंद्र ध्यानी ने माता के तीसरे स्वरूप की महिमा का बखान किया। इस दौरान मंत्रोच्चार और शंख-घंट की मधुर ध्वनि से पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना रहा।
कथावाचक ध्यानी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण मात्र से भक्तों के दुखों का निवारण होता है। उन्होंने यह भी बताया कि नवरात्र में व्रत रखने से पुण्य की प्राप्ति होती है। कथा श्रवण के लिए दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा पंडाल में पहुंचे। शाम को भक्तों ने भजन-कीर्तन कर माता का गुणगान किया। मंदिर में भव्य आरती के बाद प्रसाद वितरण भी किया गया। चैत्र नवरात्र में इस आयोजन के मुख्य यजमान प्रताप सिंह बसनाल और उनकी धर्मपत्नी सीमा बसनाल हैं।
यहां पुजारी पूरन भिरकनी, मंदिर कमेटी अध्यक्ष विरेंद्र रावत, व्यापार मंडल अध्यक्ष अशोक तिवाड़ी, ग्राम प्रधान रजनी पपनोई, प्रधान मीनाक्षी देवी, प्रधान कमला रावत, प्रतीक जीना, पूरन रजवार, बाला दत्त शर्मा आदि मौजूद थे।