स्याल्दे (अल्मोड़ा)। देघाट के भगवती मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन देवी के स्कंद माता स्वरुप की कथा का वर्णन किया गया। इस दौरान सुबह से ही मंदिर में माता के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा और मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की गई।
कथावाचक व्यास पं सुभाष चंद्र ध्यानी ने माता की महिमा का बखान करते हुए अनेक प्रसंग सुनाए। उन्होंने कहा कि कथा श्रवण मात्र से ही भक्तों के सभी दुखों का निवारण होता है। नवरात्र में व्रत रखकर भजन कीर्तन करने से माता प्रसन्न होती हैं। श्रीमद्भागवत कथा के मुख्य यजमान प्रताप सिंह बसनाल और उनकी पत्नी सीमा बसनाल ने सभी से कथा में उपस्थित होकर पुण्य प्राप्त करने का आह्वान किया। कथा सुनने के लिए दूर-दराज के गांवों से भी बड़ी संख्या में भक्त मंदिर पहुंचे। यहां मंदिर कमेटी अध्यक्ष विरेंद्र रावत, व्यापार मंडल अध्यक्ष अशोक तिवाडी, ग्राम प्रधान रजनी पपनोई, प्रधान मीनाक्षी देवी, प्रधान कमला रावत, पूरन रजवार, पुजारी पूरन भिरकनी, बाला दत्त शर्मा, नारायण बंगारी, रामानंद अग्रवाल, भवान गिरी मौजूद थे।