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अल्मोड़ा के जंगलाें को भी वर्षा का इंतजार

Sun, 12 May 2019 12:29 AM IST
दीपक नेगी अमर उजाला ब्यूरो  अल्मोड़ा।
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कठपुड़िया के जंगल में लगी आग।
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जंगलों में आग लगने की घटनाएं थम नहीं रही है। शनिवार को अल्मोड़ा के आसपास के अलावा सोमेश्वर, शीतलाखेत के विभिन्न स्थानों के जंगलों में आग लगने से वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा है। इधर सोमेश्वर क्षेत्र में शनिवार दोपहर बाद हुई बारिश से जंगलों में लगी आग काफी हद तक बुझ गई और वन कर्मियों ने राहत की सांस ली।
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शनिवार सुबह नगर से कुछ फलसीमा में गंगनाथ मंदिर के पास के जंगल में आग भड़क उठी। वन क्षेत्राधिकारी संचिता वर्मा के नेतृत्व में फायर वाचरों ने मौके पर जाकर आग बुझाई। इसी दौरान सोमेश्वर के कठपुड़िया और शीतलाखेत के जंगलों में भी आग लगने की घटनाएं सामने आई। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि कठपुड़िया में दोपहर बाद आग पर काबू पा लिया गया जबकि शीतलाखेत में कर्मचारियों को आग बुझाने के लिए भेज दिया गया है। इससे पहले शुक्रवार को बिनसर, कोसी रेंज के चौंसली वन पंचायत और अल्मोड़ा रेंज के सिराड़ फलसीमा, कपड़खान, सीएमओ कार्यालय के पास के जंगलों में आग की घटनाए हो चुकी हैं। इस दौरान करीब तीन हेक्टेयर से अधिक जंगल जल गया था। वहीं मौलेखाल में भी औलेत, भवाली, भ्याड़ी आदि जंगलों में भी बीते दिन आग भड़क उठी। 


सल्ट के कई जंगलों में  भी भड़की है आग
मौलेखाल (अल्मोड़ा)। सल्ट विकासखंड के अंतर्गत किचार, डगूला, खुमाड़, झडग़ांव के जंगलों में शनिवार की सुबह से आग भड़की हुई है। जिस कारण कई हेक्टेयर वन क्षेत्र जल कर राख हो गया है।  हवा चलने पर आग पूरे जंगल में फैल गई है। देर शाम तक जंगलों में लगी आग काबू में नहीं आई थी। ब्यूरो
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कंट्रोल रूम का नंबर खराब, कर्मचारी नदारद 
अल्मोड़ा। जंगलों में आग की घटना की सूचना के लिए वन विभाग ने कंट्रोल रूम बनाया है लेकिन कंट्रोल रूम के दोनों मोबाइल नंबरों पर फोन करने पर बताया कि गया कि नंबर उपलब्ध नहीं है। एक नंबर पर इनकमिंग सुविधा ही उपलब्ध नहीं थी। ऐसे में कोई आग की घटना की सूचना भी दे तो किन नंबरों पर दे।  इस बारे में कई अन्य कर्मचारियों से भी फोन पर चर्चा की गई तो पता चला कि द्वितीय शनिवार के दिन अवकाश होने के कारण कर्मचारी पहले ही घर को निकल लिए। इधर शीतलाखेत में जंगलों की आग बुझाने पहुंची वन क्षेत्राधिकारी संचिता वर्मा ने बताया कि कंट्रोल रूम में कर्मचारियों को 24 घंटे तैनात रहने के निर्देश दिए गए हैं अगर ऐसा है तो गंभीर लापरवाही है। उच्चाधिकारियों को जानकारी दी जाएगी। 
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अब रानीखेत के हाफमून लाइन के जंगल में लगी आग
रानीखेत (अल्मोड़ा)। क्षेत्र में वनाग्नि की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। शनिवार को सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए थे। इसके बावजूद यहां हाफमून लाइन के जंगल में अचानक आग सुलग उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। स्थानीय लोगों ने सूचना दमकल केंद्र में दी और स्वयं आग बुझाने में जुट गए। फायर ब्रिगेड की टीम ने प्रभारी एफएसओ केशव तिवारी के नेतृत्व में बमुश्किल आग पर काबू पाया। शुक्रवार की देर रात यहां सैन्य क्षेत्र शैतान सिंह मैदान के समीपवर्ती जंगल में आग धधक उठी। सेना के जवान भी जंगल की आग को काबू करने के लिए जुटे रहे। हालांकि आग अधिक विकराल नहीं थी, जिसे फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले ही काबू पा लिया गया था। दूसरी तरफ ताड़ीखेत ब्लाक के कई गांवों के जंगलों में भी आग लगने की सूचनाएं हैं, हालांकि जंगल की आग से अधिक नुकसान होने की सूचना नहीं है। लेकिन वन विभाग के साथ ही ग्रामीण भी आग बुझाने में सहयोग कर रहे हैं। आग के धुएं से पूरे क्षेत्र में धुंध फैली हुई है। वन क्षेत्राधिकारी उमेश पांडे ने बताया कि आरक्षित वनों को बचाने के लिए उनकी टीम पूरी तरह से मुस्तैद है। वहां नियमित रूप से कंट्रोल बर्निंग का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से भी आग बुझाने में सहयोग की अपील की है। 

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सोमेश्वर में बारिश से बुझी जंगलों की आग 
अल्मोड़ा। शनिवार दोपहर सोमेश्वर इलाके में दस से 15 मिनट जमकर बारिश हुई। इससे जंगलों की आग बुझ गई और वन विभाग ने राहत की सांस ली। इससे पहले शुक्रवार रात से सोमेश्वर के उडेरी, अर्जुनराठ, मल्ला खोली, अघुरिया, जाल, धौलाड़ आदि जगहों में आग लगी हुई थी और इससे काफी मात्रा में जंगल जल गए थे। --
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