रानीखेत (अल्मोड़ा)। अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए अग्निवीरों का पहला बैच इस साल के अंत तक अपना चार वर्षीय कार्यकाल पूरा करने जा रहा है। ऐसे में कुमाऊं क्षेत्र सहित पूरे देश में यह चर्चा का विषय बना है कि सेना से बाहर आने के बाद अग्निवीर किस दिशा में आगे बढ़ेंगे।
अग्निवीरों के परिजनों का मानना है कि सेना में मिले अनुशासन, प्रशिक्षण और अनुभव के दम पर युवा विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर अवसर हासिल कर सकेंगे। अग्निवीरों को सेवा अवधि पूरी होने पर एकमुश्त सेवा निधि पैकेज, कौशल प्रमाणपत्र और कार्य अनुभव का लाभ मिलेगा।
इसके अलावा केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, पुलिस, राज्य सेवाओं तथा निजी क्षेत्र में भी उन्हें प्राथमिकता मिलने की उम्मीद है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त युवा रोजगार बाजार में अधिक सक्षम साबित हो सकते हैं। संवाद
कुमाऊं के हजारों युवाओं की नजर पहले अग्निवीर बैच के भविष्य पर
कुमाऊं क्षेत्र लंबे समय से सेना भर्ती के लिए जाना जाता रहा है। यहां के हजारों युवाओं का सपना सेना में भर्ती होकर देश सेवा करना होता है। ऐसे में अग्निवीरों के पहले बैच का भविष्य आने वाले युवाओं के लिए भी एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है। परिजनों और युवाओं को उम्मीद है कि सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को रोजगार और पुनर्वास के बेहतर अवसर मिलेंगे।
क्या मिलेंगे लाभ
- चार वर्ष की सेवा के बाद सेवा निधि पैकेज।
- कौशल एवं अनुभव प्रमाणपत्र।
- केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और पुलिस भर्ती में प्राथमिकता की संभावनाएं।
- विभिन्न राज्यों की ओर से घोषित आरक्षण एवं वरीयता का लाभ।
-निजी क्षेत्र में रोजगार के बेहतर अवसर।
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क्या बोले परिजन
- चार साल के दौरान बेटे ने अनुशासन और आत्मविश्वास सीखा है। हमें उम्मीद है कि सेना का अनुभव उसे आगे किसी भी क्षेत्र में सफलता दिलाएगा। - मोहन सिंह, सोमेश्वर (एक अग्निवीर के पिता)
- शुरुआत में योजना को लेकर कई सवाल थे लेकिन अब लगता है कि युवाओं को अच्छे अवसर मिलेंगे। सरकार को भी उनके पुनर्वास पर विशेष ध्यान देना चाहिए। - कमला देवी, रानीखेत (अग्निवीर की माता)
- अग्निवीरों को सुरक्षा बलों और सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता मिलनी चाहिए। इससे युवाओं का मनोबल बढ़ेगा और योजना पर विश्वास मजबूत होगा। - दीपक जोशी, द्वाराहाट (अग्निवीर के भाई)
- चार साल तक देश सेवा करने वाले युवाओं के पास अनुभव और कौशल दोनों होंगे। हमें विश्वास है कि वे समाज और देश के लिए आगे भी बेहतर योगदान देंगे। - पुष्पा देवी, रानीखेत (अग्निवीर की माता)