फंदी नाटक का मंचन करते कलाकार।
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उदयशंकर नाट्य अकादमी फलसीमा में जामीर थियेटर एंड प्रोडक्शन हाउस ने हिंदी नाटक फंदी का मंचन किया। नाटक का मुख्य किरदार फंदी है। उसका पिता कैंसर की आखिरी स्टेज में पहुंच चुका है। एक गरीब ट्रक चालक होने के बावजूद वह कर्ज लेकर अपने पिता का इलाज कराता है। कैंसर का इलाज नहीं होने के कारण वह काफी हताश हो जाता है।
इधर उसका पिता कैंसर के असहनीय दर्द से तड़फ रहा है वह अपने बेटे सगे संबंधियों से मौत मांगता है। उधर नेशनल ट्रांसपोर्ट कंपनी वाले फंदी से गांजे की स्मगलिंग करने के लिए कहते हैं, लेकिन फंदी के मना करने पर उसे नौकरी से निकाल देते हैं। नौकरी छूटने के बाद वह इतना लाचार हो गया कि उसके बच्चे रोटी को मोहताज हो जाते हैं। एक दिन फंदी के पिता असहनीय दर्द के कारण इच्छामृत्यु मांगता है और फंदी आवेश में अपने पिता को मौत के घाट उतार देता है।
नाटक में उमाशंकर मैडी ने फंदी, मोहित पांडे ने वकील, महेंद्र मेहरा ने वार्डर की भूमिका निभाई। निर्देशन उमाशंकर मैडी, सह निर्देशन मोहित पांडे, मंच निर्माण महेंद्र सिंह मेहरा, मंच सज्जा शेखर कुमार, प्रकाश व्यवस्था शेखर कुमार, प्रचार-प्रसार दीप तिवारी, बोसर निर्माण महेंद्र मेहरा ने किया। मंच संचालन दीप चंद्र तिवारी ने किया। मंच प्रबंधन नरेश बिष्ट ने किया।