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चैत्राष्टमी मेले में नहीं होगी पशु बलि

Thu, 26 Mar 2015 12:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, भिकियासैंण (अल्मोड़ा)।
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कुमाऊं और गढ़वाल की सीमा पर स्थित शक्ति स्वरूपा काली मंदिर देघाट में 27 मार्च को चैत्राष्टमी मेला लगेगा। इसकी तैयारी जोरों पर चल रही है। मंदिर समिति और प्रशासन की संयुक्त हुई बैठक में तय हुआ कि इस बार भी मंदिर में पशुओं की बलि नहीं होने दी जाएगी।
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चैत्र नवरात्र में देघाट स्थित काली मंदिर में सप्तमी के दिन कालरात्रि पूजन और चैत्राष्टमी के दिन विशाल मेला लगता है। पूर्व में चैत्राष्टमी के दिन मंदिर में पशु बलि होती थी लेकिन न्यायालय के आदेश के बाद बलि प्रथा बंद हो गई है। बलि के लिए लाए गए भैंसों को मंदिर की परिक्रमा के बाद मंदिर समिति को सौंप दिया जाता है, जिन्हें ग्रामीण पालने के लिए अपने घरों को ले जाते हैं।

इधर उप जिलाधिकारी एनएस नबियाल ने मंदिर समिति के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में तय हुआ कि इस बार भी पशु बलि नहीं होगी। एसडीएम ने सभी से सहयोग का आह्वान किया। बैठक में मंदिर समिति के अध्यक्ष किशन सिंह मेठानी, पूरन रजवार, रघुवर सिंह बंगारी, तहसीलदार बीबी भट्ट आदि मौजूद थे। एसडीएम एनएस नबियाल ने बताया कि पशु बलि रोकने के लिए तैयारियां की गई हैं। मेला समिति के साथ ही रेगुलर और राजस्व पुलिस का भी सहयोग लिया जाएगा।
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