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Almora News: स्याल्दे बिखौती मेले की धूम, विद्यालयों की निकली रंगारंग झांकियां

Tue, 14 Apr 2026 10:14 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
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द्वाराहाट (अल्मोड़ा): पाली पछांऊ में स्याल्दे बिखौती मेले में मंगलवार को दूसरे दिन बटपुजै पर नगर में विभिन्न विद्यालयों की ओर से आकर्षक सांस्कृतिक झांकियां निकाली गईं। घटगाड़ से शुरू हुई यह झांकियां पारंपरिक लोक संस्कृति की झलक प्रस्तुत करते हुए मुख्य चौराहे तक पहुंचीं। यहां विद्यार्थियों ने अपनी-अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया।
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झांकियों में पीएमश्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, द्वाराहाट इंटर कॉलेज, एम.डी. तिवारी इंटर कॉलेज, सरस्वती शिशु मंदिर, विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, द्रोण पब्लिक स्कूल तथा किट्ज आर्क विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
इस दौरान बच्चों ने झोड़ा गायन, लोक संस्कारों और पारंपरिक परिधानों के माध्यम से उत्तराखंड की समृद्ध आंचलिक संस्कृति का जीवंत प्रदर्शन किया। झांकियों में फूलदेई, कृष्ण जन्म, भिटौली, शिव परिवार और नंदा जात यात्रा जैसे सांस्कृतिक एवं धार्मिक विषयों को प्रस्तुत किया गया।
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मुख्य चौराहे के बाद सभी झांकियों का प्रदर्शन शीतला पुष्कर मैदान में भी किया गया जहां उपस्थित लोगों ने इनकी सराहना की।

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14 जोड़ी नगाड़ों की गूंज से जीवंत हुई विरासत

द्वाराहाट (अल्मोड़ा। विभांडेश्वर मंदिर में आयोजित बिखौती मेले के तहत बीती रात पारंपरिक संस्कृति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। आल, गरख और नौज्यूला धड़े के 14 जोड़ी नगाड़े-निशानों ने मेले में भाग लेकर क्षेत्र की प्राचीन, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को सजीव बनाए रखा।
देर रात तक चले आयोजन में रणां, वलना, कुई, कोटीला, गवाड़, बूंगा, बेढूली, सलना, बसेरा, असगोली, तल्ली कहाली, गनोली, छतैंणा और छतगुल्ला गांव के लोगों नगाड़े-निशान, तुतुरी, दुनदुभी, मशकबीन, हुड़का और चिमटे जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ शामिल हुए। ग्रामीणों ने झोड़ा-चांचरी गीतों के साथ अपने निर्धारित डेरों में पहुंचकर पारंपरिक प्रस्तुतियां दीं।
सुबह श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान कर मंदिर में पूजा-अर्चना की और इसके बाद अपने गांवों को लौट गए। मेले में बूंगा गांव के युवाओं की ओर से मंदिर परिसर में डंग बाजा की धुन पर प्रस्तुत डांडिया नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। वहां मेला समिति अध्यक्ष रमेश चंद्र पुजारी, उपाध्यक्ष हेम रावत सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। संंवाद


हुड़के की थाप पर गाये झोड़ा-भगनौल
द्वाराहाट में लोक संस्कृति के माध्यम से जनजागरण का अनोखा संगम दिखा। बाल प्रहरी के संपादक उदय किरौला के नेतृत्व में युवाओं की टोली ने हुड़के की थाप पर झोड़ा-भगनौल प्रस्तुत कर प्रदेश की वर्तमान परिस्थितियों को सामने रखा। इनमें महंगाई, गैस सिलिंडर की समस्या, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति जैसे मुद्दों को उठाया गया। संवाद
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