अल्मोड़ा। छोटे होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट संचालकों को व्यवसायिक एलपीजी गैस सिलिंडरों की कमी से परेशानी झेलनी पड़ रही है। वह किसी तरह अपने रोजगार को चलाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं को करने में लगे हैं। गैस एजेंसियों की ओर से मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं होने से यह संकट गहराता जा रहा है।
व्यवसायिक गैस सिलिंडर के अभाव में होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट संचालकों ने अपने कारोबार चलाने के लिए कोयला, स्टोव आदि की व्यवस्था की है। लेकिन वर्तमान में टालों में कोयला भी नहीं मिल रहा है। वहीं केरोसिन ऑयल जिससे स्टोव जलता है उसका भी अभाव है। अपने रोजगार के लिए लोग बाहर से कोयला मंगाकर चूल्हा जला रहे हैं। वहीं केरोसिन ऑयल नहीं मिलने से डीजल का प्रयोग कर रहे हैं।
इस संबंध में बाजार में स्थित कन्हैया लाल रेस्टोरेंट के संचालक राजू अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने अपने व्यवसाय को चलाने के लिए रुद्रपुर से पांच कुंतल काेयला मंगाया है जिससे वह अपने रेस्टोरेंट को संचालित कर पा रहे हैं। वहीं माल रोड में स्थित अल्मोड़ा दरबार रेस्टोरेंट के संचालन सुमित साह ने बताया कि व्यवसायिक एलपीजी गैस सिलिंडर नहीं मिलने से उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी। वह स्टोव से खाना बनाकर ग्राहकों को उपलब्ध करा रहे हैं। वहीं स्टोव जलाने के लिए भी केरोसिन नहीं मिल पा रहा है जिसके लिए डीजल का प्रयोग कर स्टोव जला रहे हैं। व्यवसायिक एलपीजी गैस सिलिंडरों के नहीं मिलने से सभी लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।