अल्मोड़ा। अल्मोड़ा और गैरसैंण में स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में गर्भवती महिलाओं की मौत के मामले में विभिन्न संगठनों में रोष है। शनिवार को एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार क्तद्भ स्वास्थ्य मंत्री का पुतला भी फूंका। पहाड़ों में शीघ्र ही स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरस्त नहीं किए जाने पर संगठन ने उग्र आंदोलन की भी चेतावनी दी।
बृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय के तीन प्रमुख अस्पतालों में एक गर्भवती महिला को कोरोना के नाम पर इलाज नहीं मिल सका। कोरोना की जांच के नाम पर गर्भवती को इधर से उधर भेजते रहे। आखिरकार देर रात उसकी मौत हो गई। वहीं उपचार नहीं मिलने से पिछले दिनों एक गर्भवती महिला की गैरसैंण में भी मौत हुई थी। दोनों मामलों को लेकर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने चौघानपाटा में जमकर प्रदर्शन किया।
वक्ताओं ने कहा कि गैरसैंण में पिछले दिनों प्रसव के दौरान एक महिला की मौत हुई, बृहस्पतिवार को अल्मोड़ा में भी आशा देवी को कोविड के नाम पर उपचार नहीं मिला। कार्यकर्ताओं ने दोनों मामलों में लापरवाही का आरोप लगाया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य मंत्री का पुतला फूंक जमकर प्रदर्शन किया। यहां एनएसयूआई के पूर्व जिला महासचिव विपुल कार्की, पूर्व जिला अध्यक्ष प्रदीप, नितिन रावत, संजू सिंह, अमित बिष्ट, भानु बिष्ट, सुनील ग्वाल, दीक्षांत कोरंगा, रक्षित साह, आदित्य कार्की, लोकेश सुप्याल, संजीव कर्मयाल समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।