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Almora News: आपदा की भेंट चढ़ी ध्यूली-धोनी नहर का होगा कायाकल्प

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अल्मोड़ा। जिले के लमगड़ा विकासखंड में आपदा की भेंट चढ़ी ध्यूली-धोनी नहर के संरक्षण की कवायद शुरू हो चुकी है। सिंचाई विभाग नहर के संरक्षण के लिए शासन को एक करोड़ 50 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजेगा। नहर के अस्तित्व में आने से किसान 15 हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई कर सकेंगे। किसानों के खेतों तक पानी पहुंचने से उन्हें सिंचाई के लिए बारिश पर निर्भर नहीं होना पड़ेगा।
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लमगड़ा ब्लॉक के बिनौला और उधोली गांव के 60 से अधिक परिवार आजीविका के लिए खेती पर निर्भर हैं। सिंचाई विभाग ने किसानों के खेतों को सींचने के लिए 1500 मीटर लंबी नहर का निर्माण किया लेकिन वर्ष 2017 में आई आपदा से पूरी नहर क्षतिग्रस्त हो गई। विभाग ने जीआई पाइप की सहायता से किसी तरह किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया लेकिन वर्ष 2024 में आपदा में ये पाइप लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई। ऐसे में किसान अब खेतों की सिंचाई के लिए बारिश पर निर्भर हैं। किसानों को राहत पहुंचाने के लिए विभाग की ओर से इस क्षतिग्रस्त नहर के संरक्षण की पहल शुरू हो चुकी है। योजना के तहत नहर को संरक्षित करने के लिए विभाग शासन को एक करोड़ 50 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजेगा। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने पर किसानों के बंजर खेत फिर आबाद होंगे। वहीं नहर में फिर से पानी चलने से 15 हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई हो सकेगी।
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नहर की सुरक्षा के होंगे इंतजाम
नहर भू-कटाव से सुरक्षा के लिए रिटेनिंग और ब्रेस्ट वाॅल का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही हेड में वायर क्रेट, पैरापिट दीवार भी बनाई जाएगी ताकि नहरों को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सके।
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खेती की ओर लौटेंगे किसान
इन गांवों में सिंचाई के अभाव में किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। ऐसे में कई किसानों ने खेती से किनारा कर लिया है। नहर के फिर से अस्तित्व में आने से खेती छोड़ चुके किसान फिर से खेती को आगे आएंगे। इस पहल से क्षेत्र में पलायन पर भी रोक लगेगी।
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कोट
- लंबे समय से क्षतिग्रस्त ध्यूली-धोनी नहर के संरक्षण का प्रस्ताव जल्द शासन को भेजा जाएगा। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने पर प्राथमिकता के साथ निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसका सीधा लाभ क्षेत्र के किसानों को मिलेगा। - सिद्धार्थ पुष्कर, एई सिंचाई विभाग, अल्मोड़ा
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