वन पंचायत रिठाड़ के सरपंच की 11 वर्षीय बेटी को तेंदुआ आंगन से उठा ले गया। घर से कुछ दूर खेत में उसका शव मिला। बच्ची प्राइमरी स्कूल बंतोली में कक्षा पांच में पढ़ती थी। वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए गांव में पिंजरा लगा दिया है। विभाग ने मृतक के परिजनों को मुआवजे का तीन लाख रुपए का चेक सौंपा है। डीएफओ एनबी सिंह ने बताया कि तेंदुए को आदमखोर घोषित करने के लिए मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक देहरादून को पत्र लिखा गया है।
देवनाई घाटी के रिठाड़ वन पंचायत के सरपंच और राजकीय प्राथमिक विद्यालय बंतोली के स्कूल प्रबंध समिति के अध्यक्ष अर्जुन राणा की बेटी कंचन (11) और लीला (10) बृहस्पतिवार रात नौ बजे आंगन के सामने बने शौचालय में जा रही थीं। इसी बीच तेंदुआ कंचन पर झपट पड़ा और उठा ले गया।
कंचन के चिल्लाने की आवाज सुनकर परिजनों और आसपास के लोगों ने तेंदुए का पीछा किया। घर से कुछ दूरी पर उन्हें बच्ची का शव खेत में मिला। घटना की सूचना मिलने पर वन रेंजर श्याम सिंह करायत, कानूनगो गोपाल सिंह बिष्ट, पटवारी देशदीपक वर्मा, जिपं सदस्य शिव सिंह बिष्ट, मां भगवती संगठन देवनाई के अध्यक्ष किशन बोरा, सामाजिक कार्यकर्ता पन नाथ, मंगल राणा, चंदन बरोलिया, किसान क्लब देवनाई के अध्यक्ष सुंदर बरोलिया देर रात घटना स्थल पर पहुंचे। राजस्व पुलिस ने मासूम का पंचनामा कर शव परिजनों के सुपुर्द किया।
शुक्रवार को एसडीओ एसएन त्रिपाठी, रेंजर श्याम सिंह करायत ने बच्ची के पिता को मुआवजे का तीन लाख रुपए का चेक सौंपा। विधायक चंदन दास ने मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक से तेंदुए को आदमखोर घोषित करने को कहा है।