स्याल्दे (अल्मोड़ा)। स्याल्दे क्षेत्र में आंदोलन 13वें दिन भी जारी रहा। सरकार की निरंतर चुप्पी और उदासीनता से लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है। सात दिन से आमरण अनशन पर बैठे राकेश बिष्ट का वजन लगातार गिर रहा है। उनकी हालत बिगड़ने लगी है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से किए जा रहे रुटीन चेकअप में राकेश बिष्ट का वजन कम पाया गया है। स्वास्थ्य खतरे की स्थिति बनने के बावजूद सरकार की चुप्पी आंदोलनकारियों के आक्रोश को और बढ़ा रही है। क्रमिक अनशन में अनिल कुमार,पवन नेगी ,मुन्नी देवी और देवकी देवी डटी हुई हैं। महिलाओं और युवाओं की मजबूत भागीदारी ने आंदोलन को और धार दे दी हैं। इस मौके पर जगत सिंह कंडारी, प्रयाग शर्मा, पान सिंह रावत, नारायण सिंह रावत, सुनिल टम्टा, दिगंबर घौलाखंडी, जितेंद्र रजवार, ललित बिष्ट, प्रमोद गोस्वामी, चंदन उप्रेती, भूपाल सिंह मनराल मौजूद रहे।
शासन से वार्ता के लिए न आने पर रोष
आंदोलनकारियों ने कहा कि 13 दिन हो गए, लेकिन शासन से कोई भी बातचीत करने तक नहीं आया। लोगों का आरोप है कि सरकार जानबूझकर आंदोलन को नजर अंदाज कर रही है, जबकि जनता दिन-रात सड़कों पर संघर्ष कर रही है। संवाद
27 नवंबर को विशाल जनआंदोलन खड़ा करने की तैयारी
हर दिन बढ़ते जनसमर्थन के साथ आंदोलनकारियों ने 27 नवंबर को विशाल जनआंदोलन खड़ा करने की तैयारी शुरू कर दी है। आंदोलन को बड़े रूप में लाने के लिए क्षेत्र के बुजुर्ग और कई अनुभवी आंदोलनों से जुड़े लोग लगातार सलाह दे रहे हैं। संवाद