वन विभाग की टीम को संभवत: इस बात का आभास हो गया है कि घुंगोली में मारा गया तेंदुआ आदमखोर नही था, इसलिए विभागीय अधिकारी एक तेंदुए के मारे जाने के बावजूद किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नहीं हैं। रविवार को भी वन विभाग के अधिकारी शिकारियों के साथ पूरी मुस्तैदी से आदमखोर तेंदुए की टोह लेने में जुटे रहे। इधर क्षेत्र में तेंदुए की दहशत बरकरार है।
दो लोगों की मौत और कई मवेशियों के आदमखोर तेंदुए का शिकार बनने के बाद यदि फिर कहीं कोई अप्रिय घटना हुई तो फिर शासन, प्रशासन के साथ ही विभागीय अधिकारियों के लिए भी मुसीबत पैदा हो सकती है। यही सोचकर घुंगोली में एक तेंदुए के मारे जाने के बावजूद विभाग की मुस्तैदी जरा भी कम नहीं हुई है।
वन क्षेत्राधिकारी भूपाल सिंह बिष्ट द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक रविवार को चितैली में पेड़ पर बनाए गए एक मचान पर नैनीताल के ज्योलीकोट से पहुंचे शिकारी हरीश धामी, जबकि दूसरे मचान में स्थानीय शिकारी रामसिंह ने मोर्चा संभाला हुआ है।
अन्य शिकारियों में हरीश आर्या आदि को मोबाइल टीम में लगाया गया है, जो गश्त लगाने के साथ ही सूचना के आधार पर संबंधित गांवों को कूच करेंगे। टीम में वन क्षेत्राधिकारी बिष्ट के अलावा उप वन क्षेत्राधिकारी पीसी तिवारी सहित कई वन कर्मी आदि शामिल हैं।
शिकारी लखपत सिंह रावत ने छुट्टी से लौटने के बाद फिर मोर्चा संभाल लिया है। लखपत सिंह ने बताया कि आदमखोर के मारे जाने तक अभियान जारी रखा जाएगा। उधर, चिनौनी के ग्रामीणों ने शनिवार को दो तेंदुए देखे जाने की बात कही है। उडलीखान के ग्रामीणों ने उनके गांव में तेंदुए के गुर्राने की आवाज सुनाई देेने की बात कही है।