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मेडिकल कॉलेज पर पड़ा डबल जिम्मेदारियों का बोझ

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अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज। संवाद - फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा के लिए इन दिनों एक साथ दो चुनौतियां हैं। एक तरफ अक्तूबर नए सत्र में कक्षाओं का संचालन दूसरी तरफ तीसरी लहर को लेकर अस्पताल में कई तैयारियां मेडिकल कॉलेज के जिम्मे है। नए सत्र में कक्षाओं के संचालन को लेकर अब भी फैकल्टी पूरी नहीं हो पाई हैं। इन दिनों अब जल्द ही नेशनल मेडिकल काउंसिल(एनएमसी) के निरीक्षण के भी आसार हैं। जबकि तीसरी लहर से निपटने के लिए आईसीयू समेत ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट और अन्य कार्य भी जारी है।
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पहाड़ों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ ही यहां मेडिकल कॉलेज से छात्रों को इसका लाभ दिलाने की योजना को लेकर अल्मोड़ा में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की गई है। सरकार भी लगातार मेडिकल कॉलेज के संचालन को लेकर गंभीर बनी हुई है। अक्तूबर में नए सत्र के साथ ही मेडिकल कॉलेज में कक्षाओं के संचालन को लेकर उम्मीद जताई जा रही है। जबकि तीसरी लहर की आशंका को लेकर भी मेडिकल कॉलेज अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। दोनों मुद्दों के लिए मेडिकल कॉलेज में इन दिनों युद्ध स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। एक तरफ फैकल्टी पूरी कर एनएमसी से मान्यता को लेकर कवायद की जा रही है। जबकि दूसरी ओर तीसरी लहर को लेकर आईसीयू, पीआईसीयू, एनआईसीयू संचालन समेत अन्य तैयारियां की जा रही हैं। ऐसे में अब दोहरी जिम्मेदारी निभा रहे मेडिकल कॉलेज से ही जिले को काफी उम्मीदें हैं।
निरीक्षण में पड़ सकता है फैकल्टी का रोड़ा
अल्मोड़ा। मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा में नए सत्र से कक्षाएं संचालित करने के लिए मान्यता को लेकर जल्द एनएमसी का निरीक्षण होना है। हालांकि बीते दिनों 25 डॉक्टरों की नियुक्ति हुई। इसके बावजूद भी अस्पताल में मात्र 32 ही फैकल्टी हो सकी है। अब भी मानकों के अनुसार 20 फैकल्टी कम है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज में जब तक फैकल्टी पूरी नहीं होती तब तक मान्यता मिल पाना मुश्किल हो सकता है।
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एनआईसीयू और पीआईसीयू वार्ड कार्य अंतिम चरण में
अल्मोड़ा। कोरोना काल में आइसोलेशन समेत स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर मेडिकल कॉलेज ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। तीसरी लहर की आशंका के बीच भी अब मेडिकल कॉलेज पर बड़ी जिम्मेदारी है। जबकि कॉलेज प्रशासन की ओर से इससे निपटने के लिए तैयारियां की जा रही है। मेडिकल कॉलेज में 10-10 बेड के एनआईसीयू और पीआईसीयू वार्ड का कार्य अंतिम चरण पर है। जबकि ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट समेत अन्य कार्य भी किए जा रहे हैं।
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एनएमसी की टीम जल्द निरीक्षण को पहुंच सकती है। इसके लिए तैयारियां की जा रही हैं, फिलहाल 32 फैकल्टियां हो चुकी हैं। उधर तीसरी लहर को लेकर भी आईसीयू समेत अन्य तैयारियां की जा रही हैं।
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डॉ. सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा।
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