सिविल जज जूनियर डिवीजन नेहा कुशवाहा ने ऐतिहासिक नुमाईशखेत मैदान में निर्माणाधीन गेट की सीढ़ियों के निर्माण पर नगर पालिका परिषद को अग्रिम आदेश तक रोक लगाने के आदेश दिए हैं।
नगर पालिका परिषद बोर्ड मेें पारित प्रस्ताव के अनुसार नुमाईशखेत मैदान के सुंदरीकरण कार्य के तहत वहां तीन अलग अलग स्थानों पर गेट बना रही है। मैदान से सटे रिहायशी इलाके के लोगों ने निर्माण को सुखा अधिकारों का हनन बताकर निर्माण तत्काल बंद कराने की मांग को लेकर अदालत की शरण ली। मैदान के आसपास रह रहे पुष्कर साह, बृजेश जोशी, मनोज साह, शरद शाह, भरत शाह ने शुक्रवार को सिविल जज जूनियर डिवीजन के न्यायालय में याचिका पेशकर पालिका के निर्माण कार्य को सुखा अधिकारों का हनन बताया और उसे तुरंत बंद कराने की मांग की थी।
याचिका में उन्होंने कहा था कि जिस हिस्से से प्रवेश द्वार की सीढ़ियां बनाई जा रही हैं। वहां रिहायशी इलाके को रास्ता निकलता है। लोग अपने निजी वाहन भी खड़े करते हैं। सीढ़ियाें के बनने से सभी को दिक्कतें हाेंगी। उनकी तरफ से एडवोकेट विनोद भट्ट ने पैरवी की। सिविल जज जूनियर डिवीजन कुशवाहा ने दोनों पक्षों को सुना और पत्रावली का अध्ययन करने के बाद निर्माण पर पालिका को अग्रिम आदेश तक रोेक लगाने के निर्देश दिए।
इधर नगर पालिकाध्यक्ष गीता रावल ने कहा कि बोर्ड में पारित प्रस्ताव के अनुसार ही नुमाईशखेत मैदान के सौंदर्यीकरण कार्यक्रम के तहत गेट पर सीढ़ी निर्माण किया जा रहा था। सीढ़ी के बनने से मैदान में वाहनों काअनावश्यक प्रवेश रोककर उसके स्वरूप को बचाए रखना था। सीढ़ी का बनना आम जनता, युवाओं के हित में है। सीढ़ी बनने सेे मैदान में खेल गतिविधियां, कार्यक्रम भी बेहतर होते। जनहित को देखते हुए पालिका न्यायालय में अपना पक्ष मजबूती से रखेगी।