अल्मोड़ा। आखिरकार अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त जिले के सूपाकोट के लक्ष्मीपुर स्थित प्राचीन नौले की मरम्मत का कार्य दो साल में पूरा हो गया है। नौले की मरम्मत में कुल 71 हजार रुपये खर्च हुए। काम पूरा होने पर ग्रामीणों ने नौले में वरुण देवता की पूजा की।
बता दें कि आठ मई 2024 को अतिवृष्टि के कारण लक्ष्मीपुर स्थित प्राचीन नौला गधेरे के मलबे से पूरी तरह जमींदोज हो गया था। इसकी मरम्मत के लिए सेवानिवृत्त सहायक लेखा परीक्षा अधिकारी रमेश चंद्र पांडे के नेतृत्व में ग्रामीणों ने कई बार आंदोलन किया और ब्लाॅक स्तरीय अधिकारियों से दो बार लिखित समझौता भी हुआ। प्रशासन की उपेक्षा के चलते बीते वर्ष ग्रामीणों के सामूहिक सहयोग और श्रमदान से नौले का मलबा हटाकर पीने के पानी को सुचारु किया गया था लेकिन इधर सात आठ माह से मरम्मत कार्य के चलते पीने के पानी की आपूर्ति बाधित थी।
पूर्व सैनिक जुगल किशोर पांडे ने नौले का उदघाटन किया। उन्होंने कहा कि रमेश चंद्र पांडे के कुशल नेतृत्व में किए गए संघर्ष के फलस्वरूप ही आज यह प्राचीन नौला पुनर्जीवित हुआ है। इस जल स्रोत को रिचार्ज करने के लिए नौले के चारों ओर पौधारोपण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बरसात में गधेरे के प्रवाह से नौले और आसपास के घरों की सुरक्षा के लिए मनरेगा से बनी सुरक्षा दीवार का दस फीसदी कार्य श्रमिकों के अभाव में पूरा नहीं हो सका है। शेष कार्य को पूरा करवाने के लिए शीघ्र ही एक शिष्टमंडल डीएम से मिलेगा। इस मौके पर धीरज पांडे, मोहित पाठक, पायल पाठक, मोहित पांडे ने जंगली जानवरों से सुरक्षा के लिहाज से नौले में शीघ्र सोलर लाइट लगाने की मांग की।