‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ का ऐलान करने वाले ग्रामीणों को आखिरकार प्रशासन की टीम मनाने में कामयाब हो गई है। रानीखेत तहसील में दलमोटी, पस्तौड़ावार और सौला के ग्रामीण अब कल 15 फरवरी को मतदान करेंगे। दलमोटी के ग्रामीणों का कहना था कि एक दशक पूर्व कालिका-दलमोटी आठ किमी मोटर मार्ग को स्वीकृति मिली, लेकिन सड़क का निर्माण कार्य आज तक पूरा नहीं हो सका। दो किमी सड़क वन विभाग के हस्तांतरण के कारण लटकी हुई है। पस्तौड़ावार के ग्रामीण भी सड़क के लिए ही आंदोलनरत थे।
उनका कहना था कि 12 साल पहले गांव के लिए नौ किमी सड़क स्वीकृत हुई थी, लेकिन वह आज तक नहीं बन सकी। सड़क के अभाव में ग्रामीण दो से तीन किमी की पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। जनप्रतिनिधियों ने इस संबंध में झूठे आश्वासनों के सिवाय कुछ भी नहीं दिया। सौला गांव भी आज तक सड़क से नहीं जुड़ सका था, खफा ग्रामीणों ने इस बार मतदान के बहिष्कार की चेतावनी दी थी। इधर जिलाधिकारी सविन बंसल ने शत-प्रतिशत मतदान की मुहिम को पूरा करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को ग्रामीणों को मनाने के आदेश दिए थे। तहसीलदार नितेश डांगर ने बताया कि वह स्वयं तीनों गांवों के ग्रामीणों से मिलने गए, उनसे विस्तृत वार्ता हुई, उन्होंने बताया कि तीनों गांवों के ग्रामीणों ने मतदान करने की स्वीकृति दे दी है और इस संबंध में लिखित पत्र भी प्रशासन को सौंपा है।