अल्मोड़ा। जागेश्वर धाम में 31 जुलाई को आंवला के भाजपा सांसद धर्मेंद्र कश्यप की ओर से की गई अभद्रता मामले में पुजारियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। पुजारियों का कहना है कि धार्मिक स्थल पर किया गया सांसद कश्यप और उनके साथियों मोहन राजपूत, सुनील अग्रवाल का कृत्य अमर्यादित, अशोभनीय, अस्वीकार्य और हिंदू धर्म के विपरीत है। पुजारियों ने बुधवार को जनता के नाम सार्वजनिक पत्र भी जारी किया।
पुजारियों का कहना है कि उच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति गठित है। सांसद और उनके साथियों की ओर से 31 जुलाई को मंदिर में समिति के प्रबंधक, पुजारी समुदाय और स्थानीय जनता के विरुद्ध की गई अपमानजनक टिप्पणी का वह विरोध करते हैं। पुजारियों ने कहा कि जागेश्वर धाम में वीआईपी कल्चर समाप्त हो और सभी जन आम श्रद्धालुओं के रूप में दर्शन और पूजन के लिए आएं। मंदिर परिसर में किसी भी व्यक्ति को अस्त्र शस्त्र ले जाने की अनुमति न हो। मंदिर में सभी लोग धार्मिक मर्यादा का पालन करें। सांसद के व्यवहार से लाखों लोगों की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंची है। ऐसा प्रयास करने वालों का पूर्ण बहिष्कार होना चाहिए। बताया कि प्रबंधन समिति ने इस प्रकरण में सांसद और उनके साथियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की है। जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी। पत्र में पुजारी प्रतिनिधि भगवान भट्ट, हरीश भट्ट, आनंद भट्ट, त्रिलोक चंद्र भट्ट, मनोरथ भट्ट, कौस्तुभानंद भट्ट, भैरव भट्ट, गोपाल दत्त भट्ट आदि के हस्ताक्षर हैं।
दो पुजारी आए सांसद के पक्ष में
अल्मोड़ा। जागेश्वर धाम में आंवला के सांसद धर्मेंद्र कश्पप के गौली-गलौच करने के प्रकरण में दो पुजारी सांसद के बचाव में आ गए हैं। इन दोनों ने सांसद के पक्ष में वीडियो सोशल मीडिया में वायरल किया है। वहीं जागेश्वर धाम के अधिकतर पुजारी सांसद के विरोध में उतरे हैं।
सोशल मीडिया पर जारी दो पंडितों के बयान से जागेश्वर धाम के पुजारी आहत
अल्मोड़ा। मंदिर के पुजारियों का कहना है कि सांसद प्रकरण पर पं. गिरीश चंद्र भट्ट और पं. कैलाश चंद्र भट्ट (हेमंत) ने घटना के बाद स्वयं के वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए हैं। इसमें उन्होंने पूर्ण सत्यता नहीं बताई है। सांसद की पूजा जिस पं. गिरीश चंद्र भट्ट ने करवाई वह जागेश्वर धाम में सूचीबद्ध नहीं हैं और पं. कैलाश चंद्र भट्ट (हेमंत) उस दिन घटना स्थल पर नहीं थे। उनके प्रसारित वीडियो देखने से स्पष्ट है कि किसी दबाव में आकर उन्होंने यह वीडियो तैयार करवाया है। उनके वीडियो पर सोशल मीडिया पर श्रद्धालुओं के कमेंट आ रहे हैं, उससे संपूर्ण पुजारी समुदाय आहत है। जारी किए गए वीडियो दोनों के व्यक्तिगत बयान हैं। अन्य पुजारियों से इसका कोई संबंध नहीं है। (संवाद)
राजस्व पुलिस ने प्रबंधक और पुजारी प्रतिनिधि के बयान किए दर्ज
अल्मोड़ा। जागेश्वर धाम मंदिर प्रबंधन कमेटी के प्रबंधक भगवान भट्ट ने गाली गलौज और अभद्रता मामले में कोटुली के राजस्व उप निरीक्षक के यहां सांसद धर्मेंद्र कश्यप और उनके दो साथियों के खिलाफ धारा 188 और 504 में मुकदमा दर्ज कराया है। राजस्व उप निरीक्षक गोपाल सिंह बिष्ट मामले की जांच कर रहे हैं। राजस्व उप निरीक्षक ने बुधवार को जागेश्वर धाम पहुंचकर इस मामले में प्रबंधक भगवान भट्ट, पुजारी प्रतिनिधि भगवान भट्ट के बयान दर्ज किए। इस मामले में राजस्व पुलिस कुल पांच लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। उन्होंने बताया कि सांसद के दो अन्य साथियों के निवास स्थान का पता लगाया जा रहा है। मामले की जांच जारी है। (संवाद)