अल्मोड़ा तहसील के खासपर्जा पट्टी के 12 से अधिक गांव सड़क से नहीं जुड़े हैं। इन गांवों को यातायात से जोड़ने के लिए सरकार ने 2010 में क्वारब-पेटशाल सड़क निर्माण की घोषणा की थी, पर सड़क का निर्माण शुरू न होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। क्षेत्र के गांवों में सब्जी का बहुतायत में उत्पादन होता है, किंतु सड़क न होने से ग्रामीणों को उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाता है।
पांच साल पहले सरकार ने क्षेत्र की जनता की मांग पर सड़क निर्माण की घोषणा की। लोनिवि प्रांतीय खंड ने सड़क की सर्वे की, लेकिन सड़क को वन भूमि की स्वीकृति नहीं मिली है।
क्षेत्र के गांवों में सब्जी का बहुतायत में उत्पादन होता है। ग्रामीण पशुपालन कर दूध का उत्पादन भी करते हैं, लेकिन सड़क के अभाव में ग्रामीणों को उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाता है।
गर्भवती महिलाओं, बीमार व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाने में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि राजनीतिक दल भी लोगों को ठग रहे हैं।
उनका कहना है कि लगातार मांग करने के बाद भी सड़क का निर्माण नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन देकर सड़क निर्माण की मांग की है। जल्द सड़क न बनने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
ज्ञापन देने वालों में मालगांव के प्रधान पान सिंह, भूपाल सिंह, देवेंद्र सिंह, मोहन सिंह, शंकर सिंह, पूरन सिंह, प्रेम सिंह, दीवान सिंह, सल्लू सलमानी, दलीप सिंह, दीपक सिंह, राजेंद्र सिंह, मोहन सिंह, गणेश सिंह, आनंद सिंह, लछम सिंह, किशन सिंह, गोविंद सिंह आदि शामिल हैं।