अल्मोड़ा के चितई स्थित प्रसिद्ध ग्वल देवता मंदिर में दर्शन को लगी श्रद्धालुओं की लाइन।
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अल्मोड़ा। दो दिन की छुट्टी के चलते रविवार को चितई स्थित ग्वल देवता मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। मंदिर में रविवार दोपहर तक करीब 800 श्रद्धालुओं ने दर्शन कर लिए थे। श्रद्धालुओं को अंदर जाने की अनुमति नहीं है। वह बाहर से ही दर्शन कर लौट गए। कई लोग ग्वल देवता को शादी का कार्ड समर्पित करने आए थे तो नवविवाहित जोड़े भगवान से आशीर्वाद लेने पहुंचे। इससे मंदिर में सुबह से शाम तक भीड़ रही।
रविवार और सोमवार को अवकाश के चलते रविवार को चितई स्थित प्रसिद्ध ग्वल देवता मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लाइन लगी रही। श्रद्धालुओं को कई घंटे लाइन में खड़ा होकर इंतजार करना पड़ा। अल्मोड़ा, नैनीताल, हल्द्वानी, बाजपुर, काशीपुर समेत कई स्थानों से श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे। इन दिनों सहालग सीजन चल रहा है। कई लोग शादियों का निमंत्रण कार्ड भगवान को समर्पित करने मंदिर आ रहे हैं। नवविवाहित दंपती भी ग्वल देवता से आशीर्वाद लेने मंदिर आ रहे हैं। मंदिर के पुजारी हरिविनोद पंत ने बताया कि रविवार को दोपहर तक करीब 800 श्रद्धालुओं ने दर्शन कर लिए थे। उन्होंने बताया कि भक्तों को मंदिर के भीतर प्रवेश करने की अनुमति नहीं है। वह बाहर से ही भगवान के दर्शन कर वापस लौट रहे हैं।
जागेश्वर धाम में हुईं 15 पूजा, महाधिवक्ता भी पहुंचे
अल्मोड़ा। प्रसिद्ध जागेश्वर धाम में रविवार को आठ रुद्राभिषेक और सात पार्थिव पूजा हुईं। उत्तराखंड हाईकोर्ट नैनीताल के एडवोकेट जनरल एसएन बाबुलकर ने परिवार समेत मंदिर में पूजा, अर्चना की। रविवार होने के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति के प्रबंधक भगवान भट्ट ने बताया कि कोरोना संक्रमण के बावजूद श्रद्धालुओं में काफी उत्साह दिखाई दे रहा है। एक दिन में 15 पूजा करने की अनुमति मिलने के बाद पूजा करने वालों की संख्या भी निरंतर बढ़ रही है। पूजा के लिए बाहरी राज्यों से श्रद्धालुओं की बुकिंग आ रही है।