नहीं सुलझा मंदिर समिति का विवाद
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द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। दूनागिरि मंदिर की व्यवस्था पूर्व की भांति मंदिर समिति को सौंपने की मांग को लेकर धरना रविवार को चौथे दिन भी जारी रहा। वक्ताओं ने कहा कि राजनैतिक हस्तक्षेप के कारण पंगु बना प्रशासन असंवैधानिक ट्रस्ट के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा है। दूसरी तरफ असंवैधानिक ट्रस्ट के पदाधिकारियों के बयानों से आंदोलनकारियों में खासा आक्रोश है। ट्रस्टियों को आंदोलनकारियों ने दो टूक चेतावनी देते हुए धरना स्थल पर आकर लोगों को हकीकत बताने को कहा है।
दूनागिरि ट्रस्ट की वैद्यता पर सवाल उठाते हुए लोगों ने सर्वदलीय समिति बनाई और पिछले चार दिनों से धरने पर बैठे हैं। धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि 2003 में ट्रस्ट बनाई गई, लेकिन सदस्यों को अंधेरे में रखकर ट्रस्ट का स्वामित्व एक ही परिवार को कर दिया गया। आरटीआई के माध्यम से अब खुलासा हुआ तो सदस्यों के पांव तले जमीन खिसक गई। वक्ताओं ने कहा कि इस संबंध में प्रशासन ने भी ट्रस्ट को पूर्व में असंवैधानिक ठहरा दिया था, लेकिन राजनैतिक दबाव के चलते प्रशासन पंगु बना है।
शनिवार को संयुक्त मजिस्ट्रेट ने इस बारे में बैठक बुलाई थी, असंवैधानिक ट्रस्टि बैठक में नहीं पहुंचे, अलबत्ता अनर्गल बयानबाजी कर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। सचिव जगदीश उपाध्याय ने फर्जी रसीद बुक वाली बात पर नाराजगी जताते हुए कहा कि रसीद बुक में प्राप्तकर्ता के हस्ताक्षर होते हैं। यदि कोई फर्जी रसीद से धनराशि ली गई है तो उसे सार्वजनिक करना चाहिए। धरने के समर्थन में जिला पंचायत सदस्य युगल किशोर आर्य, तारा चंद्र, बीसी कांडपाल, घनानंद पांडे भी पहुंचे। अध्यक्ष विनोद भट्ट, कैलाश चंद्र जोशी, प्रकाश अधिकारी, हेम जोशी, लक्ष्मी लाल शाह, हरिओम कांडपाल, जगदीश रौतेला, डॉ. डीपी चौधरी आदि भी थे।