हितचिंतक भवन परिसर और स्याल्दे बिखोती मेला परिसर से अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन तेज हो गया है। आंदोलनकारियों ने द्वाराहाट तहसील में ताले जड़ दिए और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने तहसीलदार का पुतला भी फूंका। उन्होंने तहसील के अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण की मांग भी उठाई।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत हितचिंतक भवन बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले आंदोलनकारी सुबह 10 बजे तहसील कार्यालय पहुंचे। नारेबाजी के साथ उन्होंने तहसील में तालाबंदी कर दी। वक्ताओं ने कहा कि आंदोलन के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया जा रहा है। उन्होंने शासन प्रशासन पर अतिक्रमणकारियों को संरक्षण देने का आरोप भी लगाया। आंदोलनकारियों का कहना था कि बुधवार को जाम में जीजीआईसी और जीआईसी के बच्चों ने भी भाग लिया था। इसके चलते तहसील प्रशासन दोनों विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को नोटिस भेज रहा है।
उन्होंने कहा कि इस रवैए को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने तहसील में तैनात अधिकारियों का स्थानांतरण करने की मांग उठाई। तालाबंदी करने वालों में नगर पंचायत अध्यक्ष विमला शाह, ओपी हरबोला, नंदा बल्लभ मठपाल, सुरेंद्र शाह, मृत्युंजय मैनाली, लक्ष्मण किरौला, लाल सिंह बिष्ट, अनिल चौधरी, जगदीश बुधानी, भगवान चौधरी, डा. तारा लाल शाह, धीरेंद्र मठपाल, आशीष वर्मा, आनंद सिंह बिष्ट, भूपेंद्र कांडपाल, मुकुल शाह, हरीश सिंह, जगत सिंह, नगेश शाह, हेम शाह, गणेश चौधरी, जीवन सिंह, हिम्मत सिंह आदि मौजूद थे।