प्राथमिक शिक्षक संघ और राजकीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संगठनों से जुड़े अध्यापकों ने विद्यालयों के निरीक्षण के बाद दिए जा रहे अधिकारियों के निर्देशों को नहीं मानने का ऐलान कर दिया है।
आरोप है कि अधिकारी विद्यालयों का स्थलीय निरीक्षण करने के बजाए सड़क पर खड़े होकर फोन से निरीक्षण कार्य पूर कर लेते हैं। कहा कि ताड़ीखेत ब्लॉक में शिक्षकों के समायोजन में भी मानकों को ताक पर रखा गया है। लिखित सूचना मिलने के बाद ही अध्यापक अधिकारियों के आदेशों का पालन करेंगे।
दोनों संगठनों की बैठक में कहा गया कि उपशिक्षा अधिकारी ने पूर्व में सीआरसी की बैठकों में प्रधानाध्यापकों को विद्यालय समय में किसी भी प्रकार के विभागीय कार्य नहीं करने के आदेश दिए थे। इस संबंध में प्राथमिक शिक्षक संगठन अध्यक्ष ने अधिकारी को पत्र भेजा था, इसका आज तक जवाब नहीं मिला।
कहा कि इस स्थिति में यदि विद्यालयों में कार्य प्रभावित हुआ तो इसकी जिम्मेदारी उप शिक्षा अधिकारी की होगी। कहा कि मध्याह्न भोजन और छात्रवृत्ति से संबंधित कार्यों के लिए शिक्षकों को विद्यालय से कब जाना है इस विषय में एबीईओ ने कोई लिखित आदेश नहीं दिए हैं।
ताड़ीखेत में कई विद्यालय मानकों के आरटीई के मानकों पर नहीं चल रहे हैं। कहा कि स्कूलों में मानक से अधिक अध्यापकों का समायोजन भी मानकों के अनुरूप नहीं हो रहा है। प्रधानाध्यापकों के अधिकारों का हनन करने और अध्यापकों का उत्पीड़न करने का भी आरोप लगाया गया।
बैठक में प्राशिसंघ के अध्यक्ष किशोर जोशी, जूहा के कुबेर सिंह, जिला कोषाध्यक्ष ख्याली दत्त रिखाड़ी, सरोज पपने, ललित पपने, डाबी पंत, चंदन रावत, प्रकाश तिवारी, महेंद्र पाल, दीपक शर्मा, दामोदर पांडे, पंकज बिष्ट सहित तमाम शिक्षक मौजूद थे।