जिले में मुख्य शिक्षा अधिकारी का पद रिक्त होने से शिक्षा विभाग के कार्यों पर असर पडने लगा है। अन्य अधिकारी को वित्तीय अधिकार नहीं होने से जिले के अशासकीय माध्यमिक, जूनियर हाईस्कूलों और प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को तीन माह से वेतन नहीं मिला है। इसको लेकर माध्यमिक शिक्षक संघ की जिला इकाई के एक शिष्टमंडल ने आज जिलाधिकारी से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा।
शिष्टमंडल ने डीएम को अवगत कराया कि अशासकीय माध्यमिक, जूनियर और प्राथमिक स्कूलों के शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी तीन माह के वेतन से वंचित हैं। वेतन मद में पर्याप्त बजट होने के बावजूद कार्मिकों को वेतन का भुगतान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि स्थाई मुख्य शिक्षा अधिकारी की नियुक्त तक वित्तीय अधिकार किसी अन्य सक्षम अधिकारी को दिए जाएं, ताकि अशासकीय स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों को वेतन का भुगतान हो सके।
इसके अलावा वित्त से संबंधित प्रकरण, सामान्य भविष्य निधि निकासी, जीवन बीमा और अन्य वित्तीय देयकों से संबंधित प्रकरण भी लंबित चलर हे हैं। संगठन ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर सीईओ के वित्तीय अधिकार अन्य सक्षम अधिकारी को सौंपने की मांग की है। शिष्टमंडल में पूर्व प्रांतीय महामंत्री डा. मनोज जोशी, जिला महामंत्री विनोद पांडे, जिला कोषाध्यक्ष महिपाल सिंह राजपूत, कार्यकारिणी सदस्य दिनेश बिष्ट, अशोक पंत, सुरेंद्र सिंह बिष्ट, जलज लारेंस, दीप्ति शाह, किरन पांडे, डी. साह, डिंपल जोशी, प्रीति बोरा, चंपा साह, बीना पांडे आदि शामिल थीं।