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चाय बागान के लिए 81 करोड़ की योजना

Wed, 06 Jan 2016 11:15 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
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 राज्य के कुमाऊं और गढ़वाल मंडलों के पांच ब्लॉकों में जल्द ही चाय के नए बागान विकसित होंगे। 500 हेक्टेयर क्षेत्र में इन बागानों को विकसित करने में करीब 81 करोड़ खर्च होंगे। चाय विकास बोर्ड नए वित्तीय वर्ष में काम शुरू करेगा। बागान विकसित करने को पांच साल तक चलने वाली इस योजना में 500 से अधिक लोगों को रोजगार भी मिलेगा। नए बागान विकसित हाने से उत्तराखंड में चाय की खेती का रकबा एक हजार से बढ़ कर 1500 हेक्टेयर हो जाएगा।
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राज्य में अब तक करीब एक हजार हेक्टेयर क्षेत्र में चाय बागान हैं। इनमें से आठ सौ हेक्टेयर क्षेत्र के बागानों से प्रति वर्ष तीन से चार लाख किलो चाय पत्ती तोड़ी जा रही हैं। शेष दो हेक्टेयर क्षेत्र में रोपी गई पौध से भी जल्द ही उपज मिलने लगेगी। बागानों से तोड़ी गई पत्तियों से चाय तैयार करने को विभाग ने हरी नगरी (अल्मोड़ा), चंपावत, घोड़ाखाल (नैनीताल) औैर गढ़वाल मंडल के भटौली में फैक्ट्री लगाई हैं।

चाय विकास बोर्ड के परियोजना निदेशक एसके जोशी ने बताया कि राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी नए बागान विकसित करने की योजना है। योजना के तहत पिथौरागढ़ के मुनस्यारी, अल्मोड़ा के धौलादेवी में स्पेशल कंपोनेंट प्लान से और बागेश्वर के कपकोट, गढ़वाल मंडल के पौड़ी और अगस्तमुनी में 100-100 हेक्टेयर क्षेत्र में काम होगा। इन सभी बागानों को विकसित करने में करीब 81 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
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धौलादेवी ब्लॉक में 60 हेक्टेयर क्षेत्र में करीब चार साल पहले से ही पौध रोपण का कम चल रहा है। नए बागानों के लिए चाय विकास बोर्ड ने प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजा है। शासन से अनुमति मिलने के बाद अप्रैल 2016 से काम शुरू होगा। शुरुआत में भूमि चयन, नर्सरी स्थापना, प्लांटेशन आदि के काम होंगे। 100 हेक्टेयर क्षेत्र में करीब 100 से अधिक श्रमिकों को रोजगार मिलेगा। 
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