चाय की खेती ने छह विकासखंडों की 4000 से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है। उत्तराखंड टी बोर्ड के सहयोग से स्थापित इन चाय बागान में चाय की पत्तियों का दोहन कर प्रति महिला सालाना एक लाख रुपये की कमाई कर रही है।
अल्मोड़ा जिले में चाय की खेती ने छह विकासखंडों की 4000 से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है। उत्तराखंड टी बोर्ड के सहयोग से स्थापित इन चाय बागान में चाय की पत्तियों का दोहन कर प्रति महिला सालाना एक लाख रुपये की कमाई कर रही है।
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अल्मोड़ा के ताकुला, चौखुटिया, स्याल्दे, हवालबाग, भैंसियाछाना, धौलादेवी ब्लॉक में टी बोर्ड के सहयोग से छह चाय बागान स्थापित किए गए हैं। वर्तमान में छह विकासखंडों में 152 हेक्टेयर भूमि पर एवी2, टैगडा 78, टीएस 520, ऑर्थोडॉक्स चाय का उत्पादन होता है। इससे क्षेत्र की चार हजार महिलाओं को रोजगार मिला है।
इन महिलाओं को साल में मनरेगा के तहत 100 और टी बोर्ड की ओर से 210 दिन का रोजगार मिल रहा है। बीते वर्ष इन महिलाओं ने बागानों का विस्तार और चाय की पत्तियों का दोहन कर सालाना लगभग एक लाख रुपये की कमाई की है। लखपति दीदी अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार की राह दिखा रही हैं।