उत्तराखंड चाय विकास बोर्ड चालू वित्तीय वर्ष में प्रदेश के सात नए स्थानों पर चाय बागान विकसित करेगा। बोर्ड ने इन क्षेत्रों में 600 हेक्टेयर इलाके में चाय के 90 लाख पौधे रोपित करने का लक्ष्य रखा है। नर्सरियों में चाय की पौध तैयार हैं। बारिश होने के बाद जुलाई से पौधरोपण का काम शुरू होगा।
चाय विकास बोर्ड अब तक प्रदेश के दस जिलों में विभिन्न स्थानों पर 1015 हेक्टेयर में चाय के बागान विकसित कर चुका है। चालू वित्तीय वर्ष में बोर्ड जौरासी (अल्मोड़ा), खिरसू (पौड़ी गढ़वाल) में सौ-सौ हेक्टेयर, स्पेशल कंपोनेंट प्लान में मुनस्यारी (पिथौरागढ़), धौलादेवी (अल्मोड़ा) में सौ-सौ हेक्टेयर, मनरेगा योजना में रुद्रप्रयाग जिले के अगस्तमुनि, उखीमठ, बागेश्वर के कपकोट में 60-60 हेक्टेयर क्षेत्र में चाय का प्लांटेशन होगा। इसके अलावा अन्य स्थानों पर चाय पौध रोपित की जाएंगी। एक हेक्टेयर क्षेत्र में 15 हजार पौधे लगाए जाएंगे।
बोर्ड ने विभिन्न स्थानों पर करीब एक करोड़ पौधों की नर्सरी विकसित कर रखी है। बोर्ड के निदेशक केआर जोशी और लेखाधिकारी अनिल खोलिया ने बताया बारिश होने के बाद जुलाई 2016 से मार्च 2017 तक पौधरोपण चलेगा।
1.25 लाख किलो चाय बिक्री का लक्ष्य
अल्मोड़ा। इस वर्ष बोर्ड की योजना 1.25 लाख किलो चाय उत्पादन की है। चाय की बिक्री से विभाग को पांच करोड़ की आय होगी। पिछले साल विभाग ने 65 हजार किलो चाय का उत्पादन किया था।
विजयपुर में लगेगी नई चाय फैक्ट्री
अल्मोड़ा। चाय विकास बोर्ड की कौसानी, चंपावत, श्यामखेत, नौटी, हरिनगरी में फैक्ट्रियां हैं। इस वर्ष बोर्ड की चंपावत में स्थित फैक्ट्री का विस्तार करने की योजना है। इसके अलावा स्पेशल कंपोनेंट प्लान के अंतर्गत विजयपुर (बेरीनाग) में नई फैक्ट्रियां लगाई जाएंगी।