रानीखेत में प्रदर्शन करते टैक्सी चालक और मालिक। अमर उजाला
- फोटो : RANIKHET
रानीखेत (अल्मोड़ा)। व्यवसायिक वाहनों का परमिट की अवधि 15 साल से घटाकर 10 साल किए जाने से टैक्सी यूनियन और वाहन चालकों में भारी आक्रोश है। महासंघ कुमाऊं टैक्सी यूनियन के आह्वान पर सभी टैक्सी चालकों और मालिकों ने सोमवार को हाथों में काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। केमू स्टेशन पर प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। मांग पूरी नहीं होने पर 31 दिसंबर को मुख्यमंत्री आवास घेरने की चेतावनी दी गई।
सरकार के फैसले के विरोध में सभी टैक्सी यूनियनें और वाहन चालक उतर आए हैं। विरोध स्वरूप टैक्सी चालकों ने हाथों में काली पट्टियां बांधी और केमू स्टेशन पर प्रदर्शन किया। महासंघ कुमाऊं टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष शंकर ठाकुर ने इसे जनविरोधी फैसला बताया, कहा कि सरकार पूरी तरह से तानाशाही पर उतर आई है। वाहनों के परमिट की अवधि 15 वर्ष से घटाकर 10 साल कर दी गई है। जिसका खामियाजा अब टैक्सी चालकों को भुगतना पड़ेगा। एक तो पहाड़ में रोजगार का अभाव है, दूसरी तरफ इस तरह के फैसलों से अब टैक्सी व्यवसाय पर भी संकट खड़ा हो गया है।
सरकार की परिवहन नीति को भी चालकों ने कठघरे में खड़ा कर दिया। तय हुआ कि महासंघ का प्रतिनिधिमंडल परिवहन मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष सभी मंत्रियों से मिलेगा और इस नीति का पुरजोर विरोध किया जाएगा। यदि सरकार की कानों में फिर भी जूं नहीं रेंगती तो 31 दिसंबर को पूरे प्रदेश चालक एवं मालिक मुख्यमंत्री आवास को घेरेंगे। केमू स्टेशन पर संपूर्ण कार्यक्रम में सचिव राजेंद्र रौतेला, द्योलीखेत टैक्सी यूनियन अध्यक्ष आनंद राणा, झूलादेवी यूनियन अध्यक्ष रमेश जोशी, आनंद बिष्ट, अनिल बेलवाल, मान सिंह, विजय रावत, दलीप अधिकारी, कुबेर अधिकारी, राजेश, देवेंद्र , सतीश बिष्ट सहित भारी संख्या में चालक और मालिक मौजूद रहे।