अल्मोड़ा। ठंड बढ़ने के साथ ही लोगों की परेशानी भी बढ़ने लगी है। जागेश्वर क्षेत्र में तापमान माइनस में पहुंचने स्थानीय लोगों के साथ ही होटल कारोबारी और पर्यटक भी परेशान हैं। हालात यह हैं कि लाइन में पानी जमने से लोगों को पानी मिलना भी मुश्किल हो गया है और लाइन को गर्म पानी या आग से गर्म कर पेयजल आपूर्ति सुचारू करने के प्रयास हो रहे हैं।
जिले में सुबह-शाम कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है और तापमान में हर रोज गिरावट आ रही है। 5600 फुट की ऊंचाई पर देवदार के घनों जंगलों से घिरे जागेश्वर धाम और इसके आसपास तापमान माइनस आठ से नौ डिग्री पहुंचने लगा है। बढ़ती ठंड और गिरते तापमान के बीच यहां के स्थानीय लोगों, कारोबारियों के साथ ही यहां पहुंचने वाले पर्यटकों की दिक्कत भी बढ़ने लगी है।
मंगलवार रात के समय यहां का तापमान माइनस नौ डिग्री पहुंचने से पेयजल लाइन में पानी जम गया और जागेश्वर धाम, इसके आसपास होटल और मंतोला, गोठ्यूड़ा, बहताण आदि क्षेत्रों में जलापूर्ति चरमरा गई। क्षेत्र की 2000 से अधिक की आबादी के साथ ही होटल कारोबारियों और इनमें ठहरे पर्यटकों को खासी दिक्कत झेलनी पड़ी। संवाद
वाहन नहीं हो पाए स्टार्ट
अल्मोड़ा। जागेश्वर में तापमान गिरने से कई वाहन चालकों का कहना है कि डीजल जमकर इंजन में फंस गया। इससे वाहन स्टार्ट नहीं हुए। ऐसे में वाहन चालकों को मैकेनिक बुलाने पड़े। घंटों बाद मैकेनिक ने इंजन में ईंधन आपूर्ति सुचारू की। संवाद
अल्मोड़ा नगर में जलने लगे अलाव
अल्मोड़ा। तापमान गिरने से नगर में भी कड़ाके की ठंड है। बुधवार को अधिकतम तापमान 15 जबकि न्यूनतम तापमान चार डिग्री रिकार्ड किया गया। मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 15 और न्यूनतम तापमान छह डिग्री था। ठंड बढ़ते ही नगर में पालिका की तरफ से अलाव जलने लगे हैं।
कोट
तापमान गिरने से लाइन में पानी जमना आम बात है। खुले में बिछी लाइन में इस तरह की दिक्कत आती है। ऐसी लाइनों को भूमिगत किया जाएगा। जागेश्वर क्षेत्र में टीम गंभीरता से काम कर रही है।
अरुण कुमार सोनी, ईई, जल संस्थान, अल्मोड़ा।