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टनकपुर बागेश्वर रेल मार्ग निर्माण को किया प्रदर्शन

Sun, 29 Mar 2015 11:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर
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ब्रिटिशकाल से प्रस्तावित टनकपुर बागेश्वर रेल मार्ग का निर्माण शुरू न होने से क्षेत्र के लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। रविवार को गुस्साए लोगों ने संघर्ष समिति के बैनर तले जोरदार नारेबाजी के साथ तहसील प्रांगण में प्रदर्शन किया। वहां हुई सभा में वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर इस बहुआयामी मांग की उपेक्षा करने का आरोप मढ़ा और चेतावनी दी कि यदि राष्ट्रीय योजना में शामिल इस मांग को शीघ्र अमलीजामा नहीं पहनाया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

रविवार सुबह आंदोलनकारी नारेबाजी करते हुए तहसील प्रांगण में जमा हुए। यहां हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि टनकपुर बागेश्वर रेल मार्ग के निर्माण से जहां क्षेत्र के पर्यटन, व्यापार, विकास को नए आयाम मिलेंगे, वहीं पर्यटन को भी नए पंख लगेंगे। रोजगार के अवसर बढ़ने पर पलायन भी रुकेगा। उन्होंने कहा कि रेल मार्ग सामरिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। चीन ने 17 हजार फीट ऊंचाई में ल्हासा तक रेल दौड़ा दी है लेकिन राज्य के सीमावर्ती गांव सड़क से नहीं जुड़ सके हैं। उन्होंने कहा कि बार बार के आंदोलन के बल पर पिछली सरकार ने इस मांग को राष्ट्रीय योजना में शामिल किया था लेकिन बजट की व्यवस्था नहीं की गई है। निर्माण के नाम पर सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं।
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उन्होंने कहा कि राज्य के पांचों सांसद भाजपा से हैं बावजूद केंद्र सरकार इस मांग की उपेक्षा कर रही है, जिसे सहन नहीं किया जाएगा। सभा की अध्यक्षता संघर्ष समिति की अध्यक्ष नीमा दफौटी और संचालन समिति के महासचिव खड़क राम आर्य ने किया। धरना, प्रदर्शन करने वालों में प्रवक्ता हयात सिंह मेहता, डा. प्रताप सिंह गढ़िया, उपाध्यक्ष केवल सिंह ड्योड़ी, गिरीश पाठक, डुंगर सिंह नेगी, चंद्र राम आर्य, खीम सिंह मेहता, शोबन सिंह सुगड़ा, मदन सिंह टंगड़िया, नर सिंह खेतवाल, रतन सिंह शाही, लक्ष्मी धर्मशक्तू, मोहन जोशी, सरस्वती गैलाकोटी, मंजू मिश्रा, गीता मिश्रा, मीरा रौतेला, नंदी आर्या, किशन राम, सरस्वती बिष्ट, खिमुली देवी, तारा देवी, केवलानंद जोशी, प्रवीण दफौटी, मालती देवी आदि शामिल थे।
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