दो माह के लंबित वेतन भुगतान और पेयजल निगम के राजकीयकरण की मांग को लेकर पेयजल निगम अधिकारी कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति ने दूसरे दिन भी निगम कार्यालयों में ताले डाले। हड़ताल से पेयजल निगम के काम ठप हो गए हैं। कर्मियों ने जल्द मांग पूरी नहीं होने पर 15 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है।
दूसरे दिन भी अल्मोड़ा स्थित निर्माण मंडल कार्यालय, निर्माण शाखा, द्वितीय निर्माण शाखा, यांत्रिक शाखा कार्यालय के अलावा निर्माण शाखा रानीखेत, सी एंड डीएस रानीखेत, निर्माण शाखा भिकियासैंण कार्यालय में ताले लटके रहे। हड़ताली कर्मचारी द्वितीय निर्माण शाखा कार्यालय प्रांगण में एकत्र हुए और नारेबाजी की। इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि पूर्व में 75 साल तक पेयजल निगम राजकीय विभाग था। बाद में सरकार ने इसे निगम बना दिया गया। निगम बनने से कर्मचारियों के हित प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी विभागों के कार्य पेयजल निगम के माध्यम से नहीं कराकर उप्र निर्माण निगम, स्वजल और एनजीओ के माध्यम से कराए जा रहे हैं। उन्होंने इसका विरोध किया और कहा कि मांग पूरी होने पर ही आंदोलन समाप्त होगा। 14 दिसंबर तक निगम कार्यालयों में तालाबंदी रहेगी। 15 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
प्रदर्शन में अधीक्षण अभियंता सुभाष चंद्र, ईई एन लाल, आरपी मौर्या, एई डीके भट्ट, एके त्यागी, वाईएस लस्पाल, दीप चंद्र, दीपक जोशी, महेश नपलच्याल, सीबी जोशी आदि ने भाग लिया।