ब्लाक मुख्यालय ताड़ीखेत सहित आस पास के क्षेत्रों में पिछले एक पखवाड़े से पेयजल की समस्या गहरा गई है। दो-दो पेयजल योजनाओं के बावजूद स्थानीय लोगों की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इसके लिए जल संस्थान की वितरण प्रणाली को भी जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। लोग प्राचीन पेयजल स्रोतों पर निर्भर हो गए हैं। इसके चलते लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई है।
ताड़ीखेत क्षेत्र में गगास पेयजल पंपिंग योजना और ऋषिगाड़ पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति की जाती है। लेकिन पिछले 15-20 दिनों से क्षेत्र में पानी की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है। स्थानीय नागरिकों ने इसके लिए जल संस्थान की वितरण प्रणाली को भी जिम्मेदार ठहराया है। लोगों का कहना है कि तीन दिन में पानी खुलता है, लेकिन वह भी पर्याप्त मात्रा में नहीं दिया जा रहा है। जिसके चलते ताड़ीखेत बाजार, मजखेत, न्यू कालोनी, ऐराड़ी, हाइडिल कालोनी क्षेत्र में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। लोग कामधाम छोड़कर पानी की व्यवस्था में जुटे हुए हैं। दूर दराज के पारंपरिक पेयजल योजनाओं से बमुश्किल आपूर्ति हो रही है। नवयुवक मंगल दल के अध्यक्ष मंजीत भगत, दीपक जोशी, ज्ञान सिंह, नीरज रावत, संजय पांडे, रविंद्र अधिकारी का कहना है कि दो-दो योजनाएं संचालित होने के बावजूद लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। कहा कि ऋषिगाड़ योजना के पाइप लाइन आए दिन क्षतिग्रस्त रहती है, इसका स्टोरेज टैंक भी छोटा है। जबकि गगास पेयजल योजना का यहां टैंक तक नहीं है। कहा कि सोमवार को एसडीएम से मुलाकात की जाएगी। यदि 10 दिन के भीतर व्यवस्था नहीं सुधरी तो आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।