स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि पर रविवार को एसएसजे विवि के योग विज्ञान विभाग में स्वामी विवेकानंद शोध एवं अध्ययन केंद्र शुरू हुआ। कुलपति प्रो. नरेंद्र सिंह भंडारी और रामकृष्ण कुटीर के अध्यक्ष स्वामी ध्रुवेशानंद ने संयुक्त रूप से केंद्र का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता स्वामी ध्रुवेशानंद ने कहा कि कम समय में एसएसजे विवि कुलपति प्रो. भंडारी ने स्वामी विवेकानंद जी को लेकर अध्ययन केंद्र की नींव रखी है। अल्मोड़ा में आकर स्वामी जी को ज्ञान की प्राप्ति हुई। काकड़ीघाट में पीपल के वृक्ष के नीचे उन्होंने ज्ञान लिया। अल्मोड़ा से उन्हें काफी प्रेम रहा है। कर्बला, काकड़ीघाट, रघुनाथ मंदिर में उन्होंने अपने चरण रखे। कार्यक्रम संरक्षक के तौर पर कुलपति ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचारों को अपनाकर हम बेहतर जीवन जी सकते हैं। विवि में स्वामी विवेकानंद शोध एवं अध्ययन केंद्र की स्थापना भी जनमानस के लिए की गई है।
इससे पूर्व विभाग की छात्राओं ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीतों के माध्यम से अतिथियों का स्वागत किया। छात्र-छात्राओं ने स्वामी जी से संबंधित कविता की प्रस्तुति की। परिसर निदेशक प्रो. जगत सिंह बिष्ट की अध्यक्षता में योग विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. नवीन भट्ट ने संचालन किया। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि सामाजिक चिंतक सुनील, कुलसचिव डॉ. विपिन चंद्र जोशी, विशेष कार्याधिकारी डॉ. देवेंद्र सिंह बिष्ट, खेल प्रभारी लियाकत अली, मीडिया प्रभारी डॉ. ललित चंद्र जोशी, प्रो. शेखर चंद्र जोशी, डॉ. नंदन सिंह बिष्ट, प्रो. सोनू द्विवेदी आदि रहे।