अल्मोड़ा के एनटीडी में त्रिसरा का अभिनय करता कलाकार।
- फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार रात भी शहर के विभिन्न स्थलों में रामलीला मंचन जारी रहा। विभिन्न स्थानों पर हुई रामलीला में सूपर्णखा नासिका छेदन, त्रिसरा वध, विभीषण-रावण संवाद, विभीषण का राम की शरण में आना, नल-नील प्रसंग, रामेश्वर पूजन, रावण-मंदोदरी और अंगद-रावण संवाद, लक्ष्मण शक्ति, कुंभकर्ण-मेघनाथ वध, सुलोचना विलाप, राम की शक्ति पूजा, देवी जागर, रावण का पराभव और रावण वध का मंचन किया गया।
एनटीडी में हुई रामलीला में सूपर्णखा नासिका छेदन, त्रिसरा वध, खर-दूषण वध, सीता-हरण का मंचन किया गया। धारानौला में हनुमान मिलन, राम मिलन, रावण-हनुमान संवाद, अक्षय कुमार मरण, लंका दहन किया गया। धारानौला की रामलीला में मुख्य अतिथि पूर्व विधायक मनोज तिवारी थे। नंदा देवी और हुक्का क्लब की रामलीला में विभीषण-रावण संवाद, विभीषण का राम की शरण में आना, नल नील प्रसंग, रामेश्वर पूजन, रावण-मंदोदरी तथा अंगद-रावण संवाद, लक्ष्मण शक्ति, कुंभकर्ण-मेघनाथ वध, सुलोचना विलाप, राम की शक्ति पूजा, देवी जागर और रावण वध का मंचन किया गया। इधर कर्नाटक खोला में राम-लक्ष्मण द्वारा सीता की खोज, जटायु उद्धार, हनुमान से मिलन, बाली वध, हनुमान जागर और रावण-सीता संवाद का मंचन किया गया। राम की पात्र विनीता बाफिला ने सीता विलाप के जीवंत अभिनय से दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। इससे पूर्व मुख्य अतिथि व्यवसायी अरुण वर्मा ने रामलीला का उद्घाटन किया। देर रात तक चल रही रामलीला में नगर और आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोग शिरकत कर रहे हैं।