दूनागिरि मंदिर की व्यवस्थाएं डीएम इवा आशीष ने मंदिर सुधार समिति को सौंप दी हैं। 2003 में गठित आदि शक्ति मां दूनागिरि ट्रस्ट को डीएम ने नियम विरुद्ध करार दिया। ट्रस्ट को मंदिर के क्रिया कलापों से अलग कर दिया है। सुधार समिति से उन्होंने एक माह के भीतर पंजीकरण का नवीनीकरण करने को कहा है। आहरण वितरण का कार्य एससडीएम द्वाराहाट को सौंप दिया गया है। ट्रस्ट को खारिज करने की मांग को लेकर सर्वदलीय समिति ने कल सीएम त्रिवेंद्र रावत के कार्यक्रम का विरोध करने का निर्णय लेते हुए पुन: आंदोलन शुरू कर दिया था।
दूनागिरि मंदिर सर्वदलीय समिति ने अब धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया है। अपराह्न 3:45 बजे डीएम के प्रतिनिधि ओसी कलक्ट्रेट रजा अब्बास, एसडीएम फिंचा राम चौहान, सीओ कमल राम, नायब तहसीलदार सतीश चंद्र बर्थवाल ने यहां समिति के पदाधिकारियों से वार्ता की। इसी बीच डीएम ईवा आशीष ने आदेश जारी करते हुए ट्रस्ट को नियम विरुद्ध करार देते हुए मंदिर सुधार समिति को व्यवस्था सौंपने के निर्देश दिए। कहा कि एक माह के भीतर सुधार समिति पंजीकरण का नवीनीकरण कराए।
इस बीच मंदिर की व्यवस्थाएं सुधार समिति ही देखेगी। आहरण-वितरण का कार्य उन्होंने एसडीएम को सौंपा। सुधार समिति से डीएम ने हर माह बैठकें सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं। मालूम हो कि समिति ट्रस्ट को खारिज करने की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलनरत थी। कल 28 अक्तूबर को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत का द्वाराहाट पहुंचने का कार्यक्रम प्रस्तावित है।
समिति ने सीएम को काले झंडे दिखाने का निर्णय लेते हुए आंदोलन शुरू कर दिया था। इसके बाद आंदोलनकारियों ने मिष्ठान वितरित कर खुशी जताई। वहां अध्यक्ष विनोद भट्ट, विनोद जोशी, कैलाश भट्ट, महेश त्रिपाठी, नवीन मैनाली, महेंद्र मैनाली आदि मौजूद रहे।