उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर आंगनबाड़ी संगठन अल्मोड़ा ने यूपी सरकार का पुतला फूंका। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते दिनों अपनी समस्याओं को लेकर प्रदर्शन कर रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर बेवजह बर्बरता की गई। उन्होंने घटना की निंदा करते हुए भविष्य में इस तरह उत्पीड़न किए जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार पर चार माह से मानदेय नहीं दिए जाने का भी आरोप लगाया।
जिलाध्यक्ष सुनीता तिवारी ने मांग जल्द पूरी नहीं होने पर 11 नवंबर को दिल्ली में प्रदर्शन करने की चेतावनी दी। इस दौरान कमला लटवाल, किरन जोशी, कुसुम नेगी, तारा आर्या, रीता तिवारी, अनीता आदि मौजूद थे। लखनऊ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज और अभद्र व्यवहार से गुस्साए राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) कार्यकर्ताओं ने चौघानपाटा में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार का पुतला जलाया।
इंटक और कांग्रेस कार्यकर्ता दिन में चौघानपाटा में एकत्र हुए। उन्होंने उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार का पुतला जलाया। इंटक जिलाध्यक्ष दीपक मेहता ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लखनऊ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ लाठीचार्ज करना निंदनीय है। भाजपा सरकारें बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा दे रही हैं, लेकिन वास्तविकता में यह सरकार बेटियों और महिलाओं के खिलाफ है। भाजपा शासित राज्यों में महिला उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ रही हैं।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगें पूरी करने के बजाए यूपी सरकार द्वारा लाठीचार्ज करना निंदनीय है। प्रदर्शन में कांग्रेस जिलाध्यक्ष पीतांबर पांडे, पीसीसी सदस्य मोहन सिंह सिंग्वाल, कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष तारा चंद्र जोशी, केसीडीएफ अध्यक्ष अमरनाथ रावत, जिला महामंत्री पंकज वर्मा, दुग्ध संघ के पूर्व अध्यक्ष दीप सिंह डांगी, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष राजेंद्र सिंह बिष्ट, ब्लॉक प्रमुख हरीश बनौला आदि ने भाग लिया।