रानीखेत (अल्मोड़ा)। मांगों को लेकर पीजी कॉलेज में आमरण अनशन कर रहे छात्र संघ पदाधिकारियों और आंदोलनकारियों ने यहां ड्रग फैक्ट्री जा रहे उच्च शिक्षा सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का काफिला रोक दिया। तिरंगा चौराहे पर मंत्री ने वाहन से उतरकर आंदोलनकारियों से वार्ता की। उनकी सभी मांगों को मानने का आश्वासन दिया। साथ ही छात्रों के शिष्टमंडल को देहरादून भी बुलाया। इसके बाद छात्र संघ ने आमरण अनशन स्थगित कर दिया।
बता दें कि कॉलेज की मुख्य सड़क की मरम्मत करने, गेटों का सौंदर्यीकरण करने सहित तमाम मांगों को लेकर छात्र संघ के नेतृत्व में पीजी कॉलेज में आमरण अनशन चल रहा था। शुक्रवार को आमरण अनशन के दूसरे दिन भूख हड़ताल में बैठे छात्रसंघ अध्यक्ष और महासचिव सुधांशु भट्ट की हालत बिगड़ने पर प्रशासन ने रात के वक्त उन्हें जबरन उठाकर राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया।
शनिवार को जैसे ही आंदोलनकारियों को पता चला कि क्षेत्र में उच्च शिक्षा मंत्री आ रहे हैं, सभी आंदोलनरत छात्र यहां तिरंगा चौराहे पर पहुंच गए। उन्होंने मंत्री का काफिला रोक दिया। आंदोलनकारियों से वार्ता के दौरान मंत्री रावत ने समस्याएं सुनीं। उन्होंने छात्रों की समस्याओं का जल्द निस्तारण करने का भरोसा दिलाया। साथ ही छात्रों के प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए 15 अक्तूबर को देहरादून आने को भी कहा।
डॉ. रावत ने कहा कि छात्रों की मांग पर उन्होंने कॉलेजों में ऑनलाइन और ऑफलाइन एडमिशन की तिथि 30 अक्तूबर तक बढ़ा दी है। एक नवंबर से कक्षाएं शुरू होंगी। मंत्री के आश्वासन के बाद छात्र संघ ने अनशन समाप्त करने की घोषणा की। यहां छात्रसंघ अध्यक्ष मनीष भैसोड़ा, महासचिव सुधांशु भट्ट, पूर्व प्रमुख धन सिंह रावत सहित तमाम लोग मौजूद रहे। इधर, सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. प्रमोद नैनवाल ने भी मांगों को मानने के लिए उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का आभार जताया है।