विपिन त्रिपाठी कुमाऊं प्रौद्योगिकी संस्थान (वीसीटी केईटी ) से संबद्ध धरमगांव-डढोली पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति नहीं होने से गुस्साए ग्रामीणों ने जल संस्थान कार्यालय पर प्रदर्शन कर धरना शुरू कर दिया है। वक्ताओं ने कहा कि पेयजल निगमों की लापरवाही के कारण ग्रामीण पानी का संकट झेल रहे हैं। लेकिन अधिकारियों को जन सरोकारों से कोई लेना देना नहीं हैं। जबकि जिलाधिकारी के पास कुमाऊं इंजीनियरिंग कालेज के निदेशक का प्रभार है।
मालूम हो कि गगास से बनी वीसीटी केईटी पेयजल पंपिंग योजना से धरमगांव और डढोली को भी पानी की आपूर्ति होती है। इस योजना से क्षेत्र के छह हजार लोगों के लिए पानी की आपूर्ति होती है। योजना के रखरखाव को पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी के प्रयासों से लगभग 30 लाख रुपया भी स्वीकृत हुआ है।
मगर काम शुरू नहीं हो पाया है। ग्रामीणों का कहना है कि इंजीनियरिंग कालेज के लिए चार बड़े पेयजल टैंकर लगाए हैं, जिस पर भारी धनराशि खर्च हो रही है। यही धनराशि इस योजना पर लगाई जाती तो आज तक ग्रामीणों को राहत मिल जाती। क्षेत्र पिछले कई दिनों से पानी की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो रही है। कई बार अधिकारियों और कर्मचारियों से वार्ता होने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
मुख्यमंत्री हरीश रावत को ज्ञापन भी भेजा गया था, जिसमें 31 जनवरी तक चेतावनी दी गई थी, लेकिन शासन प्रशासन को जन सरोकारों से कोई लेना देना नहीं है। दोनों निगमों की लापरवाही के चलते पंपिंग व्यवस्था प्रभावित हो रही है। धरना देने वालों में प्रधान दीपा मठपाल, डढोली की प्रधान तारा देवी, पूर्व प्रधान संतोष बिष्ट, जिला युवक समिति के अध्यक्ष मनोज अधिकारी, गोपाल सिंह, त्रिलोक बजेठा, दिनेश सिंह, गणेश रावत, कृपाल सिंह, गीता जोशी, लीला बजेठा, बिमला देवी, चेतन भंडारी, जगदीश बजेठा, बसंत भट्ट, संतोष मठपाल, रेखा माहरा, जीवन बनेसी सहित तमाम लोग मौजूद थे।