जिला स्तर के तमाम अधिकारी एक बार फिर सरकार और जनता को गच्चा दे गए। सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम के तहत अधिकारियों को शनिवार को जिले के विभिन्न ब्लाकों में आवंटित किए गए 77 गांवों में दिन के वक्त विकास योजनाओं का निरीक्षण कर रात्रि विश्राम क्षेत्र में ही करना था। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद अधिकांश अफसर दिन के वक्त ही आवंटित गांवों में भ्रमण करने की औपचारिकता पूरी कर लौट आए। जबकि कई अफसरों ने तो दिन में भी जाना गवारा नहीं समझा।
हवालबाग ब्लॉक के अंतर्गत अल्मोड़ा नगर से लगी गोलना करड़िया ग्राम पंचायत में उप जिलाधिकारी सदर अल्मोड़ा को रात्रि निवास करना था। एसडीएम दिन के वक्त गांव में भ्रमण कर लौट आई। धौलादेवी ब्लॉक के गौली ग्राम पंचायत में परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण की ड्यूटी थी। उन्होंने दिन में ही गांव में चल रही योजनाओं का निरीक्षण किया और लोगों से समस्याओं के बाबत जानकारी ली। अपराह्न बाद वह भी अल्मोड़ा लौट गए। आरासल्पड़ गांव में भनोली के उप जिलाधिकारी को जाना था, लेकिन वह वहां नहीं पहुंचे। एसडीएम अनिल चन्याल ने बताया कि उनकी ड्यूटी वृद्धा, विकलांग आदि पेंशन लाभार्थियों के खाते खुलवाने के काम में लगी है।
धौलादेवी के बीडीओ को चगेठी गांव का भ्रमण करना था। बीडीसी सदस्य प्रकाश चंद्र ने बताया कि धौलादेवी के खंड विकास अधिकारी दिन के समय गांव में घूमे, लेकिन सायं के समय वापस लौट गए। भैंसियाछाना ब्लॉक के छानी गांव में उद्योग केंद्र महाप्रबंधक को रुकना था लेकिन वह भी दिन में गांव का भ्रमण कर लौट गईं। डूंगरलेख पहुंचे प्रभारी शिक्षाधिकारी अनिल पंत भी चार बजे बाद लौट गए। पभ्या गांव में जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी की ड्यूटी थी। गांव की प्रधान राधा देवी के पति कृष्ण कुमार ने बताया कि गांव में कोई अधिकारी नहीं आया और न ही इस बारे में कोई सूचना मिली थी। सिमखल्या में सहायक निदेशक मत्स्य को पहुंचना था। गांव के प्रधान भुवन पांडे ने बताया कि गांव में कोई अधिकारी नहीं पहुंचा।
भिकियासैंण के सिरमोली गांव में सहायक कृषि अधिकारी राज नारायण सिंह को रात्रि प्रवास करना था। ग्राम प्रधान गिरीश चंद्र पांडे ने बताया कि सहायक कृषि अधिकारी दिन में भ्रमण करके लौट गए। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने धनोली तल्ली गांव में दिन में भ्रमण किया लेकिन सायं के समय वहां से निकल गए।
चौखुटिया ब्लाक में पांच अधिकारियों को भ्रमण कर रात्रि विश्राम करना था, परंतु दो गावों में अधिकारी पहुंचे ही नहीं जबकि दो गांवों में दिन के वक्त ही में ही लौट गए। चुलेरासीम के प्रधान रमेश राम ने बताया कि वह दिनभर तहसीलदार का इंतजार करते रहे परंतु वह नहीं पहुंचे। इसी तरह खीड़ा की प्रधान आनंदी देवी ने बताया कि उनके गांव में ईई आरईएस को पहुंचना था परंतु वह भी नहीं आए। उडलीखान के प्रधान जीवन नेगी ने बताया कि उनके गांव में ईई विद्युत वितरण खंड रानीखेत पहुंचे थे जो चार घंटे बाद लौट गए। ग्राम असेठी के प्रधान पति भवानी प्रसाद ने बताया कि जिला कृषि अधिकारी पहुंचे थे जो दिन के वक्त ही लौट आए। सिर्फ बीडीओ एमसी जोशी ने ही आवंटित गांव पटलगांव में रात्रि विश्राम किया। उनके साथ ग्राम पंचायत अधिकारी उदय प्रकाश जोशी व ग्राम विकास अधिकारी मोहन राम भी थे।
रानीखेत के एसडीएम एपी वाजपेयी ने गैरड़ में और भूमि संरक्षण वन प्रभाग के डीएफओ नीतू लक्ष्मी के प्रतिनिधि एसडीओ पृथ्वीराज सिंह ने दिन में ही कालनू गांव जाकर जनसमस्याएं सुन ली। जबकि जल निगम के अधिशासी अभियंता एके कटारिया को सगनेटी गांव जाना था लेकिन वह नहीं पहुंचे। तहसीलदार एसएस तोमर छुट्टी पर चल रहे हैं, जिस कारण सिंगोली गांव कोई भी अधिकारी नहीं जा सका। ताड़ीखेत की खंड विकास अधिकारी चंद्रा राज ने दोपहर में हिडाम जाकर तमाम समस्याएं सुन ली। खंड विकास अधिकारी रमेश चंद्र सकुनी गांव में रात्रि विश्राम के लिए गए हैं।
द्वाराहाट के कुमाल्टा में रेशम विभाग के सहायक निदेशक, जामड़ में सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता भारत भूषण पांडे, तल्ला सुरना में तहसीलदार धनी राम आर्य, पनेरगांव में लोनिवि के सहायक अभियंता कुंदन सिंह ने दोपहर में ही गांव पहुंचकर समस्याएं सुनी। इधर कुमाल्टा के प्रधान ललित मोहन पांडे ने बताया कि उन्होंने अधिकारियों के ठहरने का भी इंतजाम किया भी था लेकिन अफसर नहीं पहुंचे।