रानीखेत में बैठक करते व्यापारी।
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लावारिस जानवरों और कुत्तों की समस्या को लेकर व्यापार मंडल ने कड़ा रुख अपना लिया है। मालूम हो कि नगर में लावारिस जानवर जहां कई लोगों को घायल कर चुके हैं वहीं आवारा कुत्ते आए दिन लोगों पर झपट रहे हैं। व्यापार मंडल पदाधिकारियों ने प्रशासन और छावनी परिषद से अतिशीघ्र इन जानवरों से निजात दिलाने की मांग की है। बैठक में तय हुआ कि खाद्य एवं ट्रेड लाइसेंस की उहापोह को दूर कराने के लिए शीघ्र छावनी परिषद के सीईओ से मुलाकात की जाएगी।
जिलाध्यक्ष मोहन नेगी की अध्यक्षता में यहां शिव मंदिर सभागार में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि नगर में लावारिस जानवर और आवारा कुत्तों की तादात बढ़ रही है। आवारा जानवर राह चलते कई लोगों को घायल कर चुके हैं। जबकि कई दोपहिया वाहन चालक इनकी चपेट में आकर चोटिल हो चुके हैं।
कुत्ते भी बाजार में झपटने लगते हैं। इससे यातायात बाधित होता है। कैंट और प्रशासन के लोग इस ओर हमेशा आंखें मूंदे बैठे रहते हैं, यदि सार्थक कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापारियों को एकजुट किया जाएगा। बैठक में खाद्य और ट्रेड लाइसेंस के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। कहा कि यहां व्यापारियों को खाद्य लाइसेंस छावनी परिषद आवंटित करती है, लेकिन खाद्य सुरक्षा विभाग लाइसेंस आवंटन की व्यवस्था स्वयं करने की बात कह रहा है। जिससे दुविधा की स्थिति बनी हुई है। इस विषय में व्यापारियों का शिष्टमंडल कैंट के मुख्य अधिशासी अधिकारी से मिलेगा। बैठक में अध्यक्ष भगवंत नेगी, महासचिव हर्ष वर्धन पंत, उपाध्यक्ष दीपक अग्रवाल, कोषाध्यक्ष दीपक पंत, उपसचिव मनोज पंत सहित तमाम व्यापारी मौजूद रहे।