गांव-गांव को सड़क से जोड़ने के दावों की पोल सुदूरवर्ती गोलूछिना-श्रीखेत-गुुमोड़ी-भिटारकोट मोटर मार्ग खोल रहा है। राज्य बनने से पहले स्वीकृत इस 15 किमी मोटर मार्ग का निर्माण का कार्य आज तक पूरा नहीं हो पाया है। अभी तक सिर्फ आठ किमी सड़क कटी है, लेकिन इसमें भी सोलिंग और डामरीकरण नहीं होने से कम वाहनों का संचालन होता है, रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए ग्रामीणों को कई किमी पैदल चलना पड़ रहा है। बरसात में इस सड़क की हालत और भी खराब हो जाती है।
रानीखेत तहसील के सुदूरवर्ती गोलूछिना, मुझोली, दैना, मल्यालगांव, लालर, गुमोड़ी के ग्रामीणों के लिए राज्य बनने से पहले 1999 में गोलछिना-श्रीखेत-भिटारकोट मोटर मार्ग स्वीकृत हुआ था, लेकिन 18 साल बाद भी सड़क बनकर तैयार नहीं हुई है। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि अभी तक सिर्फ आठ किमी सड़क का कटान हुआ है, पांच किमी सड़क 15 साल पहले कट चुकी है, जबकि तीन किमी दो साल पूर्व कटी है, लेकिन इसमें न तो डामरीकरण हुआ है और ना ही सोलिंग का कार्य, निकास नालियां, कल्वर्ट नहीं होने के कारण बरसात में यह सड़क चलने लायक नहीं रहती। वाहन चालक सड़क पर वाहन ले जाने से कतराते हैं, परिणाम स्वरूप ग्रामीणों को तीन से चार किमी की पैदल दूरी तय कर कुंवाली आना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि पूर्व में सोलिंग, डामरीकरण और अवशेष कार्य शुरू कराने के लिए पूर्व में उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष पार्वती माहरा को भी ज्ञापन सौंपा था, उन्होंने प्रांतीय खंड के अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा था, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। यदि शीघ्र सड़क नहीं बनी तो आंदोलन होगा। इधर, लोनिवि प्रांतीय खंड अल्मोड़ा के अधिकारियों का कहना है कि पूर्व में यह सड़क आठ किमी स्वीकृत थी, उसका कटान हो चुका है, जबकि सात किमी और स्वीकृत है, वन भूमि की सैद्धांतिक स्वीकृति भी मिल चुकी है। प्रांतीय खंड के जेई अशोक सिंह ने बताया कि डामरीकरण के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है।