राजकीय ठेकेदार संघ का लोनिवि के अधीक्षण अभियंता और निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता के तबादले की मांग को लेकर आंदोलन जारी है। लोनिवि एसई और निर्माण खंड ईई कार्यालय में छह दिन से तालाबंदी जारी है। इसके चलते कार्यालयों में कामकाज ठप है। ठेकेदारों ने एक नवंबर से लोनिवि के सभी खंडों और कार्यालयों में तालाबंदी करने का ऐलान किया है।
लोनिवि के ठेकेदारों ने मंगलवार को भी कार्यालय प्रांगण में धरना देकर नारेबाजी की। इस मौके पर वक्ताओं ने आरोप लगाया कि अधीक्षण अभियंता और निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता द्वारा ठेकेदारों का उत्पीड़न किया जा रहा है। अधिकारी द्वेष भावना से ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। विकास कार्य पूर्ण करने के बाद भी ठेकदारों को भुगतान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्पीड़न करने वाले दोनों अधिकारियों का जल्द तबादला किया जाए।
अधिकारियों का तबादला नहीं हुआ तो एक नवंबर से लोनिवि के सभी खंडों एडीबी, पीएमजीएसवाई, मुख्य अभियंता समेत अन्य कार्यालयों में तालाबंदी कर दी जाएगी। उन्होंने इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन भी दिया है। धरने पर सुनील पेटशाली, सुंदर मेहरा, हरीश भट्ट, महेश सनवाल, गोपाल बिष्ट, गिरीश पांडे, बहादुर कनवाल, कमल लटवाल, पृथ्वीराज मटेला, कुंदन बिष्ट, सुरेंद्र सिंह मेहरा, अरविंद बिष्ट, महेश नयाल, गोपाल मेहता, जगत कनवाल, राजेंद्र कनवाल आदि बैठे।
उत्पीड़न करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई हो
बागेश्वर। राजकीय ठेकेदार संघ की लोनिवि विश्राम गृह में बैठक हुई। इसमें लोनिवि के अधिकारियों पर मनमानी और उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए अल्मोड़ा में चल रहे आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने की बात कही। ठेकेदारों ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई करने की मांग भी उठाई। बैठक में अध्यक्ष जगदीश पाठक, संजय नेगी, भुवन लोहनी, बलवंत नगरकोटी, लाल सिंह दीवान, हीरा बल्लभ भट्ट, गिरीश खेतवाल, नवीन परिहार, दयाल कांडपाल, हरीश राणा, भूपाल सिंह, आनंद परिहार आदि थे।