पर्यटन सीजन शुरू हो गया है, लेकिन रानीखेत, ताड़ीखेत क्षेत्र की आंतरिक मोटर मार्गों की हालत सुधर नहीं पा रही है, कई जगह पड़े गड्ढे बड़ी दुर्घटना को दावत दे रहे हैं, जबकि इन सड़कों से आए दिन नेता और अधिकारी होकर गुजरते हैं। ताड़ीखेत कसबे की सड़कों की हालत और बुरी है।
पथुली मोटर मार्ग डामरीकरण के अभाव में बदहाली का दंश झेल रहा है। हल्की बारिश के दौरान इस मोटर मार्ग में बने चौड़े गड्ढे तालाब का रूप धारण कर लेते हैं, जिस कारण लोग परेशान रहते हैं।
रानीखेत की सड़कों की हालत फिर से खराब हो गई है। मुख्य मोटर मार्ग में कुछ माह पर डामरीकरण हुआ, लेकिन रोडवेज बस स्टेशन से नीचे फिर से गड्ढे बन गए हैं। ठंडी रोड की हालत नहीं सुधर पर रही है। कैंट कार्यालय के पास यह सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, जबकि कई आंतरिक मोटर मार्ग कई जगह पर खराब हैं, तमाम कोशिशों के बावजूद इन्हें ठीक नहीं किया जा रहा है।
ताड़ीखेत ब्लॉक मुख्यालय के ठीक सामने पथुली मोटर मार्ग लंबे समय से बदहाल है। ऐतिहासिक गांधी कुटिया को भी यही मार्ग जोड़ता है, लेकिन हाकिमों ने इस मोटर मार्ग की सुध नहीं ली है। मोटर मार्ग में डामरीकरण तो दूर गड्ढे तक नहीं भरे गए हैं। हल्की बारिश में यह सड़क कीचड़ से भर जाती है। कई बार दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो चुके हैं। यह स्थिति हर गांव को मोटर मार्ग से जोड़ने के नारों की पोल खोल रही है।