पुलिस लाइन स्थित शहीद स्मारक में शहीदों की शहादत को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस मौके पर एसएसपी पी रेणुका देवी ने शहीद पुलिस और अर्द्ध सैनिक कर्मियों की वीरांगनाओं को सम्मानित किया। बच्चों की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गई।
एसएसपी ने बताया जिले में 2005, 2013 और 2014 में कर्तव्य का पालन करते हुए कई पुलिस कर्मी वीरगति को प्राप्त हुए। उनकी शहादत को हमेशा याद रखा जाएगा। इस मौके पर उन्होंने कांस्टेबल गिरीश चंद्र की पत्नी कांस्टेबल गोविंदी टम्टा, संजय कुमार की पत्नी का. बबली रानी, महेश सिंह की पत्नी पुष्पा देवी, अजय खाती की मां गोविंदी देवी, हेड कांस्टेबल नारायण सिंह तोमक्याल की पत्नी तुलसी देवी को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इसके अलावा उन्होंने अर्द्ध सैनिक बलों के शहीद हुए अधिकारियों और कर्मचारियों के परिजनों को भी संबोधित किया।
इस मौके पर पुलिस लाइन में शहीद पुलिस जवान शीर्षक पर पेंटिंग प्रतियोगिता भी कराई गई। सब जूनियर वर्ग पेंटिंग प्रतियोगिता में सूर्यांश कोरंगा, जूनियर वर्ग में सिजल ग्वासाकोटी और सीनियर वर्ग में निहारिका चन्याल ने पहला स्थान प्राप्त किया। वहीं पुलिस कर्मियों द्वारा भाषण और निबंध प्रतियोगिता में कांस्टेबल संतोष उप्रेती ने पहला, हेमंत कुमार ने दूसरा और महिला कां. ज्योती रौतेला ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। एसएसपी ने प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया। इस अवसर पर पुलिस क्षेत्राधिकारी कमल राम आर्य, मुख्य अग्निशमन अधिकारी वंश बहादुर यादव, राजीव कुमार, कमल सिंह पवार, अरुण कुमार वर्मा, संतोष बगडवाल, हरेंद्र चौधरी आदि मौजूद थे। इधर एसएसबी के क्षेत्रीय मुख्यालय में उप महानिरीक्षक विक्रम सिंह की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में शहीद पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। एसएसबी कर्मियों के परिवारों के बच्चों की पर्यावरण सुरक्षा पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें आदित्या प्रथम, रोहन द्वितीय, कैलाश तृतीय स्थान पर रहे।
बच्चों को पुरस्कार भी प्रदान किए गए।
उधर थाना सोमेश्वर में आयोजित पेंशनरों की गोष्ठी में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस मौके पर सेवानिवृत्त हेड कांस्टेबल खीम राम (89) को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। बाद में थाना गेट से सोमेश्वर बाजार तक वॉक किया गया। कार्यक्रम में प्रभारी निरीक्षक संजय गर्ब्याल के अलावा ग्राम प्रहरी, सरकारी कर्मचारी, अधिकारी, टैक्सी यूनियन के पदाधिकारी तथा आम लोग मौजूद थे।