अल्मोड़ा। प्रदेश सरकार से अधिसूचना 22 जून को जारी होने के बाद सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अस्तित्व में आ गया है लेकिन अभी कुलपति की नियुक्ति का इंतजार है। नए विवि में कुलपति की तैनाती न होने से फिलहाल कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल से ही प्रशासनिक व्यवस्था चल रही है और नए विवि में किसी प्रकार की गतिविधियां शुरू नहीं हो पा रही हैं।
प्रदेश सरकार अक्तूबर 2019 में जीबी पंत पर्यावरण संस्थान कोसी कटारमल अल्मोड़ा में हुई केबिनेट की बैठक में अल्मोड़ा में स्व. सोबन सिंह जीना के नाम पर नया विवि बनाने का फैसला हुआ था। उसके बाद नए विवि का एक्ट विधानसभा में पारित कर दिया गया। पिछले दिनों नए विवि के एक्ट को राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद 22 जून को प्रदेश सरकार की ओर से उच्च शिक्षा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. धन सिंह रावत ने नए विवि की अधिसूचना जारी कर दी। अधिसूचना जारी होने के बाद नया विवि अस्तित्व में आ गया है लेकिन फिलहाल विवि को कुलपति की नियुक्ति का इंतजार है। कुलपति की तैनाती बिना नए विवि में गतिविधियां शुरू होना संभव नहीं है। जल्द ही कुलपति की तैनाती की उम्मीद है। नए विवि में पहले कुलपति की नियुक्ति मुख्यमंत्री करते हैं। इसलिए कुलपति पद के कई दावेदार इन दिनों जोर आजमाइश में जुटे हैं। एसएसजे परिसर के निदेशक प्रो. जेएस बिष्ट ने बताया कि नए कुलपति की नियुक्त होने या अगला आदेश मिलने तक फिलहाल एसएसजे परिसर में भी कुमाऊं विवि के निर्देशों के तहत ही व्यवस्था चल रही है। नए विश्वविद्यालय का मुख्यालय सोबन सिंह जीना परिसर अल्मोड़ा में होगा। नए विवि के तहत बागेश्वर और पिथौरागढ़ में दो परिसर बनाए जा रहे हैं। पहाड़ के इन चारों जिलों के सभी महाविद्यालय कुमाऊं विवि से अलग होकर अब नए विवि से संबद्ध हो जाएंगे। एक्ट के मुताबिक उत्तराखंड आवासीय विवि का अस्तित्व अब समाप्त हो जाएगा।