सशस्त्र सीमा बल के अपर महानिदेशक सुरजीत सिंह देशवाल ने कहा कि एसएसबी की स्थापना देश की सीमाओं की निगहबानी और चौकसी के लिए हुई है।
एसएसबी सीमाओं में चौकसी के अलावा सीमांत के ग्रामीणों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने मुख्यालय में निर्माणाधीन कार्यों की गुणवत्ता और तमाम अन्य गतिविधियों को भी देखा। अधिकारियों और जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया।
अल्मोड़ा में बल के पांचवें स्थापना दिवस में भाग लेने के बाद अपर महानिदेशक सुरजीत सिंह देशवाल ने यहां गनियाद्योली स्थित सीमांत मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने यहां शहीदों को श्रद्धांजलि दी, अधिकारियों और जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। उन्होंने कहा कि सीमाओं की कड़ी चौकसी और निगहबानी के लिए ही एसएसबी की स्थापना हुई है।
सीमाओं पर अवांछित गतिविधियों पर सख्ती से अंकुश लगाने की जरूरत है। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों और जवानों की हौसलाअफजाई की। एसएसबी द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की भी जानकारी ली। बाद में उन्होंने मुख्यालय परिसर में संचालित अंकुर विद्यालय का निरीक्षण किया।
वहां बन रहे तमाम निर्माण कार्य देखे, कहा कि तय सीमा के भीतर इन कार्यों को पूरा किया जाना है। बाद में उन्हें पावर प्रोजक्ट के माध्यम से एसएसबी द्वारा सीमांत के ग्रामीणों के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों की भी जानकारी दी। इस दौरान सीमांत मुख्यालय के आईजी श्याम सिंह सहित तमाम अधिकारी और जवान मौजूद थे।
सीमांत मुख्यालय के अपर महानिदेशक सुरजीत सिंह देशवाल कुमाऊं रेजीमेंट केंद्र के संग्रहालय को देखकर काफी अभिभूत नजर आए। संग्रहालय में उन्होंने कुमाऊं रेजीमेंट के अधिकारियों और जवानों की बहादुरी से जुड़े तमाम यादगार लम्हों को देखा और जवानों की देशसेवा की सराहना की।